सर्वोच्च न्यायालय ने फ्यूचर गु्रप से एमेजॉन की उस विशेष याचिका पर पर प्रतिक्रिया देने को कहा है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने पिछले महीने एमेजॉन-फ्यूचर मामले में सिंगापुर इंटरनैशनल आर्बीट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) की मध्यस्थता प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इस मामले को टाल दिया गया था और इसकी अगली सुनवाई अब 23 फरवरी को होगी। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एन वी रमाना, न्यायाधीश ए एस बोपन्ना और न्यायाधीश हिमा कोहली द्वारा की गई थी। एमेजॉन-फ्यूचर समूह मध्यस्थता फ्यूचर समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज के बीच 24,500 करोड़ रुपये के सौदे को लेकर तीन सदस्यीय मध्यस्थता पंचाट के बीच मौजूदा निर्णय था।
मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने सात पृष्ठ के एमेजॉन के लिखित अनुरोध के संबंध में याचिका को खारिज कर दिया था।