कंपनियों को हवाई किराया बढ़ाने की अनुमति

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:26 AM IST

सरकार ने हवाई उड़ानों की क्षमता और किराये पर लगी सीमा 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है। हालांकि विमानन कंपनियों का बहीखाता दुरुस्त करने के लिए सरकार ने हवाई किराये की ऊपरी और निचली सीमा में 30 फीसदी तक का इजाफा भी कर दिया है। उदाहरण के लिए 80 से 120 मिनट की उड़ान के लिए हवाई किराये की न्यूनतम सीमा 3,500 रुपये से बढ़ाकर 3,900 रुपये और अधिकतम सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 13,000 रुपये कर दी गई है।
इस समय विमानन कंपनियों को कोविड-19 से पहले की क्षमता के 80 प्रतिशत तक के साथ उड़ान भरने की इजाजत है, लेकिन इंडिगो को छोड़कर मौजूदा स्थिति में कोई कंपनी 70 प्रतिशत क्षमता का भी इस्तेमाल नहीं कर पाई है। लॉकडाउन के कारण दो महीने तक विमानन सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं और 25 मई से घरेलू उड़ान शुरू करने की अनुमति दी गई थी।
हवाई किराये के दायरे और क्षमता को बढ़ाने से स्पाइसजेट और गोएयर जैसी विमानन कंपनियों को अपने बहीखाते दुरुस्त करने में मदद मिलेगी, जो फिलहाल अपने बेड़े के आकार को नहीं बढ़ा सकी हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘कुछ विमानन कंपनियों ने कहा कि पूरी क्षमता से उड़ान भरने की अनुमति देने से कंपनियों पर दबाव बढ़ेगा और उनके दिवालिया होने की नौबत भी आ सकती है। यही वजह है कि हम इस दिशा में सतर्कता से आगे बढ़ रहे हैं।’
इंडिगो को छोड़कर सभी विमानन कंपनियों ने कहा कि उड़ान क्षमता बढ़ाने का निर्णय मार्च तक के लिए टाल देना चाहिए क्योंकि अगले तीन महीने के लिए टिकटों की बुकिंग उत्साहजनक नहीं दिख रही है।  
इंडिगो के बेड़े में 265 विमान हैं और यह अब उड़ानों की संख्या बढ़ाना चाहती है। कंपनी सरकार से हवाई किराये पर लगी सीमा लगातार हटाने की मांग कर रही है। अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाएं थमने से विमानन कंपनियों के लिए घरेलू उड़ानों की संख्या बढ़ाना जरूरी हो गया है। अगर वे ऐसा नहीं करेंगी तो उनकी लागत कई गुना तक बढ़ जाएगी। दिसंबर के दौरान विमानन कंपनियां कोविड-19 से पहले बहाल सेवाओं का करीब 78 प्रतिशत क्षमता का इस्तेमाल कर पाई।
विमानन कंपनियों के कार्याधिकारियों का कहना है कि सरकार ने किराये के दायरे को बढ़ा दिया है लेकिन कमजोर मांग के कारण उनके लिए किराया बढ़ाना काफी कठिन होगा।
इंडिगो के मुख्य कार्याधिकारी रणजय दत्ता ने कहा, ‘फिलहाल किराया कम ही रहना चाहिए क्योंकि हमें पर्याप्त बुकिंग नहीं मिल रही है।’ उन्होंने कहा कि 70 फीसदी यात्री क्षमता के साथ उड़ान भरने पर मुनाफा कमाना कठिन होता है।केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी लगातार कहते रहे हैं कि भारतीय विमानन कंपनियां दिसंबर तक पूरी क्षमता के साथ सेवाएं शुरू कर देंगी। हालांकि कुछ दिनों पहले एक सामाचार माध्मय को दिए साक्षात्कार में पुरी ने कहा कि मार्च अंत तक घरेलू विमानन कंपनियों कोविड-19 से पहले की परिचालन कर पाएंगी। विमानन क्षेत्र पर नजर रखने वाले विश्लेषकों ने कहा कि कारोबारी यात्रियों की कमी उनके लिए चिंता का सबब है।
बकौल विश्लेषक ऐसे लोग महंगे टिकट खरीदते हैं, जिससे विमानन कंपनियों के लिए छुट्टियां मनाने जा रहे लोगों को सस्ता टिकट देने में आसानी होती है। मोतीलाल ओसवाल के स्वर्णेंदु भूषण ने ग्राहकों को लिखे एक नोट में कहा, ‘हमें लगता है कि आगे चलकर घरेलू हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि की दर पिछले सात महीने के मुकाबले कम होगी। खासकर घरेलू मार्गों पर कारोबार के लिए यात्रा करने वाले और विदेशी यात्रियों की संख्या उतनी तेजी से नहीं बढ़ेगी। कोविड-19 की वजह से मांग पर हुए असर के कारण ऐसा हुआ है।’

First Published : February 11, 2021 | 11:40 PM IST