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लघु उद्योगों पर शोध के लिए पीठ

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Last Updated- December 10, 2022 | 9:12 PM IST

लघु एवं मझोले उद्यम (एसएमई) क्षेत्र पर शोध के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान-अहमदाबाद (आईआईएम-ए) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने एक समझौता किया है।
इस समझौते के तहत दोनों संगठन ‘यूनियन बैंक-आईआईएम सेंटर फॉर एक्सीलेंस’ और एसएमई पर अध्ययन के लिए एक शोध पीठ ‘यूनियन बैंक चेयर प्रोफेसर ऑफ एसएमई’ की स्थापना करेंगे।
यूबीआई से 2 करोड़ रुपये के अनुदान के साथ यह शोध पीठ आईआईएम-ए के संकाय सदस्य सेबेस्टियन मॉरिस के नेतृत्व में चलाया जाएगा। परियोजना के नवीनीकरण के विकल्प के साथ यह पीठ शुरू में 6 वर्षों के लिए चलाया जाएगा।
आईआईएम-ए के निदेशक समीर बरुआ कहते हैं, ‘शोध पीठ सरकार द्वारा बनाई जाने वाली नीतियों और एसएमई के मौजूदा विकास की स्थिति और आगामी संभावनाओं के संदर्भ में सैद्धांतिक अनुसंधान करेगा।
यूबीआई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एमवी  नायर ने कहा, ‘हमारे अग्रिम पोर्टफोलियो का लगभग 16 फीसदी या 14,000 करोड़ रुपये एसएमई क्षेत्र से संबद्ध हैं। हमने 172 व्यावसायिक बैंकिंग शाखाओं की भी पहचान की है जो सिर्फ एसएमई पर ध्यान केंद्रित करेंगी। इससे एसएमई क्षेत्र के लिए ऋण व्यवस्था में भी सुधार आएगा।’
मॉरिस ने कहा, ‘हालांकि एसएमई क्षेत्र को लेकर पहले भी कई शोध किए जा चुके हैं, लेकिन उनमें इस क्षेत्र के लिए ऋण व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया। मंदी के दौरान अन्य निर्यात आधारित क्षेत्रों के अलावा एसएमई सेगमेंट जिसमें टेक्स्टाइल और वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं, भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है। यह शोध इस क्षेत्र को संकट से उबरने के लिए रास्ता ढूंढ़ने में मदद देगा।’

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First Published - March 23, 2009 | 10:26 PM IST

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