facebookmetapixel
Advertisement
एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सख्ती: इतनी इंडस्ट्री और DG पर जड़ेगा ताला!मानसून की बेरुखी से खेती पर संकट! धान से लेकर सोयाबीन,अरहर,बाजरा के रकबा में बड़ी गिरावटमाइक्रोसॉफ्ट में होगी बड़ी छंटनी! 4,800 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी, AI का बढ़ता खर्च बना बड़ी वजहराम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फेरबदल: चंपत राय का इस्तीफा मंजूर, जानें किसको मिली जिम्मेदारी?UPI AutoPay Alert: 1 रुपये का ‘फ्री ट्रायल’ कैसे खाली कर रहा है आपका बैंक खाता? जानिए पूरा खेलNSE IPO का खत्म हुआ इंतजार! सितंबर में शेयर बाजार में आ सकता है ₹30,000 करोड़ का मेगा इश्यूदलाल स्ट्रीट पर 7 जुलाई को बनेगा रिकॉर्ड, एक दिन में सबसे ज्यादा 6 SME IPO की होगी लिस्टिंगभारत में नहीं आएगा व्हाट्सऐप का नया ‘यूजरनेम फीचर’? सरकार की आपत्ति के बाद Meta बैकफुट पर!E20 पेट्रोल से क्या 30% घट जाता है गाड़ी का माइलेज व खराब होता है इंजन? सरकार ने दिया हर सवाल का जवाबअब और रुलाएगा प्याज! एक महीने में 40% महंगा, जानें कितने और बढ़ सकते हैं दाम

मंदी में भी बियाणी की चांदी

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 8:04 PM IST

मंदी में जहां तमाम रिटले कंपनियों को बिक्री में कमी से जूझना पड़ रहा है, वहीं किशोर बियाणी की रिटेल कंपनी पैंटालून रिटेल की बिक्री में लगातार दूसरे माह (फरवरी) इजाफा हुआ है।
हालांकि दिसंबर में कंपनी की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद कंपनी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और उसका नतीजा नजर आ रहा है। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि मार्च के शुरुआती 12 दिनों की बिक्री के आंकड़े भी उत्साहजनक हैं।
फरवरी माह में कंपनी के वैल्यू रिटेलिंग सेगमेंट की बिक्री में 5.32 फीसदी का इजाफा हुआ, जबकि लाइफस्टाइल सेगमेंट 4.44 फीसदी की दर से बढ़ा है। फरवरी में कंपनी की कुल बिक्री करीब 418.71 करोड़ रुपये रही है। गौरतलब है कि दिसंबर में बिक्री में आई गिरावट के बाद पिछले दो माह से लगातार बिक्री में इजाफा हो रहा है।
जनवरी में कंपनी के वैल्यू रिटेलिंग सेगमेंट की बिक्री 4 फीसदी बढ़ी थी, जबकि दिसंबर में इसमें 4 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी। जबकि लाइफस्टाइल सेगमेंट में जनवरी माह में 12 फीसदी का इजाफा हुआ था, जबकि दिसंबर में यह 14 फीसदी की गिरावट पर था।
पैंटालून रिटेल के प्रबंध निदेशक किशोर बियाणी का कहना है कि फरवरी माह में फूड, फैशन और दवाइयां सभी की बिक्री में इजाफा हुआ है। मार्च का आंकड़ा इससे कहीं बेहतर साबित हो सकता है।
बोस्टन कंसल्टेंसी ग्रुप के निदेशक आनंद रघुरामन का कहना है कि फरवरी माह में बिक्री में इजाफा कीमतों में कटौती और आक्रामक प्रमोशनल स्कीमों की वजह से हुआ है। साथ ही ब्याज दरों में कटौती की वजह से उपभोक्ताओं को कर्ज भी आसानी से मिल रहा है।

Advertisement
First Published - March 14, 2009 | 2:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement