भारत में यूटीवी इंटरप्राइज की सहयोगी कंपनी इंडियागेम्स दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में इंटरनेट और मोबाइल गेम के दीवानों को फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिये अपनी ओर आकर्षित करने की योजना बना रही है।
कंपनी ने अगले चार साल में इस मद में बाजार में 300 करोड़ रुपये निवेश करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे कं पनी की गेमिंग बाजार में हिस्सेदारी 8 से 10 फीसदी हो जाएगी। कंपनी ब्रांड निर्माण में भी 75 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है।
इंडिया गेम्स के सीईओ विशाल गोंडल ने कहा, ‘इंटरनेट और मोबाइल गेमिंग बाजार अभी 300 करोड़ रुपये की है। इसमें मोबाइल गेमिंग का हिस्सा 200 करोड़ रुपये और ऑनलाइन गेमिंग का हिस्सा 100 करोड़ रुपये का है। अनुमान है कि 2013 तक यह कारोबार क्रमश: 1500 करोड़ और 1200 करोड़ रुपये के स्तर को छू लेगा।’
मोबाइल गेमिंग उद्योग के विकास करने का एक प्रमुख कारक 3 जी सेवा शुरू होना है। उन्होंने कहा, ‘अगर रिपोर्ट देखें, तो देशभर में 32 करोड़ 57 लाख 30 हजार मोबाइल उपभोक्ता हैं। इनमें से मात्र एक फीसदी लोग ऐसे हैं, जो मोबाइल के जरिये गेम डाउनलोड करते हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले दो साल में यह 6 फीसदी हो जाएगा।’
उन्होंने इशारा किया कि 18 से 28 साल की आयु वर्ग में आने वाले लोग ज्यादातर इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इसमें भी कारोबारी और ऑफिस जाने वाले लोगों की हिस्सेदारी अधिक है।
ऑनलाइन गेमिंग पर गोंडल ने कहा, ‘उद्योग अनुमान के मुताबिक अगले चार साल में देश में ब्रॉडबैंड सेवा का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2 करोड़ हो जाएगी, जबकि कंपनी का लक्ष्य 20 लाख उपभोक्ताओं को खींचने की है।’