मंत्रिमंडल द्वारा बीईएमएल के विनिवेश को मंजूरी दिए जाने के 4 साल बाद सरकार ने कंपनी के रणनीतिक निवेश के लिए बोली आमंत्रित की है। सरकार की ओर से जारी प्राथमिक सूचना ज्ञापन के मुताबिक कंपनी अपनी कुल 54.03 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 26 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री करेगी, साथ ही इसके प्रबंधन नियंत्रण का भी हस्तांतरण किया जाएगा।
पिछले सोमवार को विनिवेश पर बने सचिवों के मुख्य समूह ने कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दी थी। यह कंपनी रक्षा, एयरोस्पेस, खनन और रेल क्षेत्र में काम करती है। इस बिक्री से सरकार के निजीकरण अभियान को ऐसे समय में बल मिलेगा, जब सरकार पीएसयू की सीमित मौजूदगी की नीति पर चल रहा है और गैर रणनीतिक क्षेत्रों से बाहर निकल रही है।
शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय कंपनी के शेयरों के भाव के मुताबिक इस विनिवेश से सरकार को करीब 1,055 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। दिसंबर 2016 में सरकार ने इस सार्वजनिक उपक्रम से अपनी कुल 54 प्रतिशत हिस्सेदारी में से 26 प्रतिशत विनिवेश करने और कंपनी का प्रबंधन नियंत्रण हस्तांतरित करने को मंजूरी दी थी।
यह विनिवेश दो चरणों में प्रतिस्पर्धी बोली की प्रक्रिया से होगा। इसके लिए पहले चरण में 1 मार्च 2021 तक रुचि पत्र दाखिल करना होगा, जो दिए गए पात्रता के दायरे में होगा। इसमें रुचि लेने वाली कंपनियां सोमवार से इसके बारे में पूछताछ भेज सकती हैं और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से 1 मार्च तक रुचि पत्र दाखिल कर सकती हैं और भौतिक प्रति 16 मार्च जमा कर सकती हैं।
रुचिपत्र के मूल्यांकन के आधार पर चुने गए बोलीकर्ताओं को मसौदा शेयर खरीद समझौता और मसौदा शेयरधारक समझौता सहित आवेदन प्रस्ताव मुहैया कराया जाएगा। चुनिंदा बोलीकर्ताओं को मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति मंजूरी देगी, उसके बाद उन्हें सफल बोली लगाने वाले के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
सफल बोली लगाने वाले को की कुछ बाध्यताएं होंगी, जैसे कर्मचारियों की सुरक्षा, असेट स्ट्रिपिंग, कारोबार जारी रखना, प्रस्तावित लेन देन में लिए गए शेयरों का लॉक-इन शामिल है। आरएफपी में ये शर्तें रखी गई हैं।
सरकार ने एसबीआई कैपिटल मार्केट को रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के बारे में सलाह देने और उसके प्रबंधन के लिए नियुक्त किया है। कंपनी की गैर प्रमुख संपत्तियां हटाई जाएंगी और वे विनिवेश का हिस्सा नहीं होंगी।
सरकार के फैसले के मुताबिक कंपनी का बोर्ड अतिरिक्त जमीन अलग से बेचने और इसे रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया से बाहर रखने पर सहमत हो गया है। अगर रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के पहले इन संपत्तियों को बेचे जाने का काम पूरा नहीं हो पाता है तो बेकार पड़ी जमीन को बेचने के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी और यह विनिवेश के बाद कंपनी की कुल परिसंपत्ति का हिस्सा नहीं होगी।
कंपनी के पास परिचालन और गैर परिचालन वाली कुल 2,945 एकड़ जमीन है। इसके पास फ्लैट, कार्यालय, गेस्टहाउस भी हैं, जो 10.99 लाख वर्गफुट में है। कंपनी की एक सहायक इकाई विज्ञान इंडस्ट्रीज विनिवेश की प्रक्रिया नहीं है और इसे बंद किया जाएगा।
अगर भारत में निवेश की पात्र किसी कंपनी, सीमित दायित्व साझेदारी, फंड का न्यूनतम कारोबार 1,400 करोड़ रुपये है तो वह प्रक्रिया में शामिल हो सकता है। रुचि रखने वाला खरीदार कंसोर्टियम बना सकता है और कंपनी के लिए बोली लगा सकता है, जिसमें कंसोर्टियम के प्रमुख सदस्य की हिस्सेदारी न्यूनतम 51 प्रतिशत हो। साथ ही इसमें रुचि लेने वाले पक्ष ने पिछले 5 साल में से कम से कम तीन साल मुनाफा कमाया हो। बीईएमएल के कर्मचारियों को भी स्वतंत्र रूप से या बैंक, वेंचर कैपिटलिस्ट या वित्तीय संस्थान के साथ कंसोर्टियम बनाकर बोली में शामिल होने की अनुमति होगी।
सीपीएसई को बोली की प्रक्रिया में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।