पश्चिम बंगाल में माइक्रो फाइनैंस सेक्टर में काम करने वाली गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी, बंधन ने इस वित्त वर्ष में 600 करोड़ रुपये का कर्ज उगाहने की योजना बनाई है।
इसके लिए कंपनी कृषि ऋणों को बैंकों और दूसरे वित्तीय संस्थानों को बेचेगी। उसने आज बताया है कि वह करीब 75 करोड़ रुपये के कृषि ऋणों को इंडसइंड बैंक को बेच चुकी है।
बंधन के कार्यकारी निदेशक चंद्र शेखर घोष ने बताया कि, ‘पिछले साल हमने बैंकों से करीब 300 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस वक्त हमारे पोर्टफोलियो में 703 करोड़ रुपये बकाया कर्ज है।’
इंडसइंड बैंक और बंधन के बीच में इस सौदे को अमली जामा पहुंचाया ग्रामीण कैपिटल इंडिया ने। ग्रमीण कैपिटल ने इस बारे में बताया कि, ‘इसके तहत कृषि और सहयोगी सेक्टरों को मुहैया करवाए गए उन कर्जोँ को बेचा गया है, जो बंधन-कोन्नगर और बंधन फाइनैंशियल सर्विसेज प्रा. लि. ने दिए थे।’
बैंक से किए इस समझौते के तहत बंधन इन कर्जों का प्रबंधन और उनकी वसूली बैंक के लिए जारी रखेगी।