मुकेश अंबानी की अगुआई वाली रिलायंस रिटेल ने पिछले साल 485 नए स्टोर खोले। कंपनी के मुताबिक, नए स्टोरों के खुलने से कंपनी के कारोबारी क्षेत्रफल में 20 लाख वर्गफीट की बढ़ोतरी हुई।
इस तरह, रिटेल कंपनियों के विस्तार के मामले में रिलायंस रिटेल किशोर बियाणी के फ्यूचर समूह के बाद दूसरे नंबर पर रही। फ्यूचर समूह का रिटेल क्षेत्रफल इस बीच करीब 50 लाख वर्गफीट बढ़ा है।
दिसंबर 2007 में रिलायंस रिटेल के स्टोरों की संख्या 465 थी, जो दिसंबर 2008 में बढ़कर 950 हो गई। रिलायंस रिटेल के मुताबिक, पिछले एक साल में उसने 58 नए शहरों में दस्तक दी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इस रिटेल कंपनी का विस्तार इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि 2007 के अंत में कई राज्यों में कंपनी को राजनीतिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था।
उत्तर प्रदेश में जहां इसके स्टोरों को जबरदस्ती बंद करा दिया गया था, वहीं इस वजह से उड़ीसा, पश्चिम बंगाल और केरल में इसके विस्तार पर प्रतिकूल असर पड़ा।
यह भी महत्वपूर्ण है कि कंपनी लॉन्च होने के दो साल बाद आर्थिक मंदी के चलते कंपनी ने अपनी विस्तार योजनाएं पहले ही धीमी कर दी। सूत्रों के मुताबिक, पहले कंपनी की योजना थी कि 2008 के अंत तक स्टोरों की संख्या बढ़ाकर 2,000 और 2010 तक 5,000 कर दिया जाए।
खैर मंदी के चलते रिलांयस को अपने 30 अलाभप्रद स्टोरों को बंद करना पड़ा और 1,000 कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी। अन्य रिटेलरों की तरह इस कंपनी ने भी मंदी के चलते लागत कटौती के कई उपाय लागू किए। अपनी रणनीति बदलते हुए कंपनी ने 900 जायदादों का किराया कम करने के लिए बातचीत शुरू की।
बेहतर मुनाफा कमाने के लिए इसने किराए में 30 फीसदी की कमी का लक्ष्य रखा। रिलायंस रिटेल के प्रवक्ता ने इस बारे में बताया कि कंपनी ने अपनी विस्तार प्रक्रिया रोकी नहीं है। हां, प्रतिकूल समय को देखते हुए अब इसे बहुत सोच-समझकर चलाया जा रहा है। प्रवक्ता ने बताया, ”उनकी कंपनी को रिटेल कारोबार में लंबे समय तक रहना है। इसके लिए उसके पास बड़ा कारोबारी मॉडल भी है।
वैल्यू फॉर्मेट में महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराने के बाद अब उनकी कंपनी दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों का रुख करेगी। हम स्पेशयलिटी फार्मेट का विस्तार इस साल भी जारी रखेंगे।”