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सरकार को अधिकार

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Last Updated- December 10, 2022 | 7:05 PM IST

सत्यम फर्जीवाड़े में फंसे रामलिंग राजू के बेटे बी तेजा राजू की कंपनी मायटास इन्फ्रा में सरकारी दखल के अनुरोध को कंपनी लॉ बोर्ड (सीएलबी) ने आंशिक तौर पर स्वीकार कर लिया है।
उसने सरकार को मायटास इन्फ्रा के बोर्ड में चार सदस्य नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इनमें कोई एक कंपनी का अध्यक्ष भी बनेगा। कंपनी के खिलाफ अपराध साबित होने पर भी इन प्रतिनिधियों पर मामला नहीं बनेगा।
सीएलबी ने इसी समूह की एक अन्य कंपनी मायटास प्रॉपर्टीज में भी सरकार का एक प्रतिनिधि रखने की इजाजत भी दी। उसने निर्देश दिया है कि सरकार को एक अप्रैल से इन कंपनियों के कामकाज की मासिक रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।
इस फैसले के तुरंत बाद कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने इन कंपनियों में सरकार के नुमाइंदों के नाम का ऐलान भी कर दिया। इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष वेद जैन को मायटास इन्फ्रा और मायटास प्रॉपर्टीज दोनों कंपनियों के बोर्ड में नामित किया गया है। इसके अलावा जाने-माने कॉर्पोरेट वकील ओ पी वैश्य को भी मायटास इन्फ्रा के बोर्ड में सरकार की ओर से जगह दी गई है।
कुछ दिन पहले सरकार ने दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों को पूरी तरह से भंग करके, उनमें दस-दस नये सदस्य रखने के लिए सीएलबी से गुहार लगाई थी। सरकार का आरोप था कि राजू की जालसाजी में इन कंपनियों की भागीदारी रही है और राजू ने दूसरी कंपनियों का पैसा इन कंपनियों में लगाया था।
सीएलबी के मुताबिक मायटास इन्फ्रा में 4 और मायटास प्रॉपर्टीज में 1 सरकारी नुमाइंदा
मायटास इन्फ्रा में सरकार ने तैनात कर दिए दो निदेशक

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First Published - March 6, 2009 | 11:59 AM IST

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