अमूल का कुल कारोबार 52,000 करोड़ रु. के पार

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 15, 2022 | 4:39 AM IST

अमूल ब्रांड के उत्पादों का समेकित राजस्व वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान 52,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों की बिक्री करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (जीसीएमएमएफ) ने आज यह खुलासा किया।
समेकित कुल कारोबार में जीसीएमएमएफ और उसके सदस्य यूनियन के कारोबार शामिल हैं जिनकी संख्या 18 है। एकल आधार पर जीसीएमएमएफ का राजस्व वित्त वर्ष 2020 में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 17 फीसदी बढ़कर 38,542 करोड़ रुपये हो गया।
जीसीएमएमएफ ने कहा है कि अब उसकी नजर अगले पांच वर्षों में समेकित राजस्व को दोगुना करने पर है जिसे दूध की बेहतर खरीद एवं प्रॉसेसिंग से मदद मिलेगी। गुजरात एवं दूसरे राज्यों के करीब 18,700 गांवों के 36 लाख किसान अमूल ब्रांड से जुड़े हैं और वे विभिन्न यूनियन को दूध उपलब्ध करा रहे हैं। वित्त वर्ष 2020 में दूध की रोजाना औसत खरीद सालाना आधार पर 6.5 फीसदी घटकर 2.15 करोड़ लीटर रह गई। जीसीएमएमएफ ने कहा कि मार्च से शुरू होकर अप्रैल और मई तक जारी रहने वाली लॉकडाउन की अवधि में उसेन प्रति दिन 35 लाख लीटर दूध की अतिरिक्त खरीद की जिससे रोजाना दूध की खरीद बढ़कर 2.5 करोड़ लीटर हो गई।
भारत विश्व में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रख सकता है क्योंकि देश में दूध उत्पाद की वार्षिक वृद्धि दर 5.5 फीसदी है जबकि वैश्विक वृद्धि दर महज 2 फीसदी है।
जीसीएमएमएफ के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी ने कहा कि आपूर्ति शृंखला और डेयरी संयंत्र स्थापित करने के लिए मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित 15,000 करोड़ रुपये के डेयरी इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से भारतीय डेयरी उद्योग को 4 से 5 करोड़ लीटर अतिरिक्त क्षमता हासिल करने में मदद मिलेगी।  देश भर में अमूल के 80 डेयरी संयंत्र हैं जहां दूध को एकत्रित और प्रसंस्कृत किया जाता है। सोढ़ी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लगाई गईा पाबंदियां हमारे लिए एक चुनौती थी लेकिन जीसीएमएमएफ आपूर्ति सुचारु रखने में सफल रहा।

First Published : July 19, 2020 | 11:32 PM IST