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एएमएनएस इंडिया की हुई एस्सार पावर ओडिशा

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:01 AM IST

आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएमएनएस इंडिया) ने सरफेसी अधिनियम के तहत एस्सार स्टील निजी बिजली संयंत्र एस्सार पावर ओडिशा लिमिटेड (ईपीओआरएल) का अधिग्रहण किया है। ईपीओआरएल का अधिग्रहण शनिवार को पूरा हुआ। यह पहल एएमएनएस इंडिया द्वारा अपने परिचालन को आत्मनिर्भर बनाने का एक अन्य प्रयास है। पिछले साल कंपनी ने हजीरा में प्राकृतिक गैस आधारित भांडेर बिजली संयंत्र का अधिग्रहण किया था। कंपनी ने बोली प्रक्रिया के जरिये 500 मेगावॉट की स्थापित क्षमता वाले उस संयंत्र को एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी से खरीदा था।
कुल मिलाकर इन दोनों संयंत्रों- भांडेर और ईपीओआरएल- के लिए सौदे की रकम 1,000 करोड़ रुपये के दायरे में है। एएमएनएस इंडिया ने कहा है कि इस अधिग्रहण से लेनदारों को करीब 85 फीसदी बकाये की वसूली हो जाएगी। ईपीओआरएल का अधिग्रहण एसबीआई और एडलवाइस से किया गया था।
एएमएनएस इंडिया ने बैंकों को अग्रिम भुगतान किया जिससे पता चलता है कि कंपनी अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए संकटग्रस्त परिसंपत्तियों का पुनर्गठन करने के लिए प्रतिबद्ध है। भांडेर और ईपीओआरएल दोनों रुइया परिवार के नियंत्रण वाली कंपनी एस्सार पावर के संयंत्र थे। लेकिन लेनदारों ने सरफेसी अधिनियम के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें भुनाया है। एस्सार के एक अधिकारी ने दावा किया, ‘लेनदारों ने कठिन परिस्थितियों में इन दोनों परिसंपत्तियों से अपने 100 फीसदी बकाये की वसूली की है।’ उन्होंने कहा, ‘हम अपने ऋण बोझ को घटाने के कार्यक्रम के अंतिम चरण में हैं और अगली दो तिमाहियों के दौरान हम शेष 10,000 करोड़ रुपये की अदायगी कर देंगे जिससे हमारे बिजली पोर्टफोलियो का काफी हद तक ऋण बोझ खत्म हो जाएगा।’
कंपनी के अधिकारी ने कहा कि एस्सार कोयला आधारित बिजली पोर्टफोलियो से काफी हद तक बाहर हो रही है। कंपनी अक्षय ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य में अक्षय ऊर्जा एवं भंडारण पोर्टफोलियो तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। ईपीओआरएल कोयला आधारित 120 मेगावॉट क्षमता का बिजली संयंत्र है जो ओडिशा के पारादीप में स्थित है। एस्सार स्टील के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया की शुरुआत में इसमें 60 मेगावॉट क्षमता परिचालन में है जबकि शेष 60 मेगावॉट क्षमता फिलहाल निर्माणाधीन है। यह परिसंपत्ति 2017 से ही एनपीए है।
एएमएनएस ने कहा है कि वह शेष 60 मेगावॉट का निर्माण जल्द पूरा करेगी ताकि इसे पूरी क्षमता के साथ चालू किया जा सके। कंपनी ने इस संयंत्र को वैश्विक बाजारों से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के जरिये निर्धारित क्षमता पूरी करने की योजना बनाई है। कंपनी ने कहा, ‘इससे 250 परिवारों के लिए आजीविका सुनिश्चित होगी क्योंकि एएमएनएस की प्रतिबद्धता एवं प्रशासन से सुनिश्चित होगा कि वह इस व्यापक परिवार का हिस्सा है।’

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First Published - January 31, 2021 | 11:08 PM IST

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