सत्यम और रामलिंग राजू पर चौतरफा मार पड़ती जा रही है।राजू को भाई बी रामाराजू और वाडलामणि के साथ हैदराबाद पुलिस की हिरासत में जाना पड़ा और कंपनी को अमेरिकी ग्राहक खोना पड़ा।
इतना ही नहीं, सरकार के तेवर भी तीखे दिखे कंपनी मामलों के मंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने कहा कि सत्यम में काफी गहरा गड़बड़झाला है और यह पैसे को कहीं और लगाने से भी आगे की कारगुजारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक गलियारों में राजू के शुभचिंतकों की भी जरूरत पड़ने पर जांच कराई?जा सकती है। हालांकि गुप्ता ने यह जरूर कहा कि सत्यम के ऊपर अभी तक बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की बड़ी देनदारी नहीं है। उन्होंने कंपनी के नये बोर्ड को किसी बेहतर कानूनी फर्म की सेवाएं लेने का सुझाव भी दिया।
टूटा अमेरिकी अनुबंध
सत्यम के गड़बड़झाले को देखते हुए प्रतिष्ठित अमेरिकी बीमा कंपनी स्टेट फॉर्म इंश्योरेंस ने उसके साथ अपने करार को रद्द कर दिया है। इसकी वजह से कंपनी के 400 कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
यह बीमा कंपनी जानी मानी अमेरिकी बिजनेस पत्रिका फर्च्यून के प्रतिष्ठित ‘फर्च्यून 500’ क्लब में भी शामिल है। कंपनी ने कहा है कि वह सत्यम के साथ लंबा करार चाहती थी, लेकिन हालिया कारोबारी गोलमाल के चलते ही कंपनी को ऐसा कदम उठाना पड़ा है। इसके बाद कई कर्मचारियों को भारत लौटना पड़ेगा।
नहीं छोड़ेगी सेज परियोजना
भले ही सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज नकदी के गंभीर संकट से जूझ रही हो, लेकिन वह 370 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) परियोजनाओं से मुंह नहीं मोड़ना चाहती। कंपनी इन परियोजनाओं को पूरा करना चाहती भले ही इनमें कुछ देर क्यों न हो जाए।
कंपनी जरूरत के हिसाब से इन परियोजनाओं को धीरे-धीरे पूरा करने की योजना बना रही है। तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र में सत्यम की चार सेज परियोजनाओं पर अभी काम चल रहा है। इसके अलावा कंपनी ने सेज के लिए गांधी नगर में 26 एकड जमीन भी खरीद रखी है।