एयरटेल का शुद्ध मुनाफा बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:56 PM IST

भारती एयरटेल का शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 22 की चौथी तिमाही में करीब तीन गुने की बढ़ोतरी के साथ 2008 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसे टैरिफ मेंं बढ़ोतरी और असाधारण आय से सहारा मिला। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 759 करोड़ रुपये रहा था।
तिमाही में कंपनी का एकीकृत राजस्व सालाना आधार पर 22.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 31,500 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, वहीं औसत राजस्व प्रति ग्राहक (एआरपीयू) क्रमिक आधार पर 9.2 फीसदी और सालाना आधार पर 22 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी के साथ 178 रुपये पर पहुंच गया।
मोबाइल सेवा प्रदाताओं ने पिछले साल नवंबर में टैरिफ में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जिसके कारण सभी कंपनियों के राजस्व में इजाफा हुआ। चौथी तिमाही के एयरटेल के नतीजे को 906 करोड़ रुपये की असाधारण आय से भी मजबूती मिली, जिसमें दूरसंचार टावर परिसंपतित्तयों की बिक्री से मिले फायदे और रणनीतिक वेंडर के साथ सेटलमेंट शामिल है।
परिचालन स्तर पर कंपनी ने सालाना आधार पर लाभ में 27 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और यह 15,998 करोड़ रुपये रहा, वहीं परिचालन मार्जिन 1.9 फीसदी बढ़कर 50.8 फीसदी रहा।
एयरटेल ने कहा कि 4जी सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी में बढ़त जारी है और 4जी में उसके गकुल ग्राहक आधार चौथी तिमाही के आखिर मेंं 20 करोड़ के पार निकल गए। पिछले साल के मुकाबले उसने 2.15 करोड़ 4जी ग्राहक जोड़े, जो पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी की बढ़त दर्शाता है। प्रति गाहक औसत डेटा 18.8 जीबी प्रति माह भी सभी कंपनियों में सबसे ज्यादा है।
तिमाही के दौरान कंपनी ने कनेक्टिविटी बढ़ाने व नेटवर्क सुधार के लिए 7000 टावर शुरू किए। कुल मिलाकर तिमाही में पूंजीगत खर्च सालाना आधार पर 12 फीसदी घटकर 5,997 करोड़ रुपये रहा, वहीं मुक्त नकदी प्रवाह 74 फीसदी बढ़कर 10,001 करोड़ रुपये रहा।
एयरटेल के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी (दक्षिण एशिया) गोपाल विट्ठल ने एक बयान में कहा, मोबाइल सेवा का राजस्व 9.5 फीसदी बढ़ा क्योंंकि टैरिफ में बढ़ोतरी का पूरा प्रवाह नजर आया। एयटेल का एआरपीयू सबसे ज्यादा 178 रुपये बना हुआ है।
आईओसी का शुद्ध लाभ घटा, बोनस शेयर देगी
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) का बीते वित्त वर्ष की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही का शुद्ध लाभ 31.4 फीसदी घट गया।
कंपनी ने मंगलवार को बताया कि पेट्रोरसायन कारोबार में मार्जिन घटने और वाहन ईंधन की बिक्री पर नुकसान के कारण ऐसा हुआ। कंपनी ने जनवरी-मार्च में 6,021.88 करोड़ रुपये या 6.56 रुपये प्रति शेयर का एकल शुद्ध लाभ दर्ज किया। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 8,781.30 करोड़ रुपये या 9.56 रुपये प्रति शेयर था। हालांकि, मुनाफा इससे पिछली तिमाही के 5,860.80 करोड़ रुपये के मुकाबले अधिक रहा।
तेल कीमतों में उछाल के साथ परिचालन आय मार्च तिमाही में बढ़कर 2.06 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में 1.63 लाख करोड़ रुपये थी। कंपनी के बोर्ड ने 1:2 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने की सिफारिश की है। इसके तहत हर दो मौजूदा शेयरों के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य का एक नया बोनस शेयर दिया जाएगा।
बोर्ड ने 3.60 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश (बोनस से पहले) भी घोषित किया। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान रिकॉर्ड 30,443.93 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15 फीसदी अधिक है।

First Published : May 18, 2022 | 12:38 AM IST