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SBI के बाद बैंक ऑफ इंडिया ने RCom और Anil Ambani को घोषित किया ‘फ्रॉड’

SBI के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया ने भी RCom और अनिल अंबानी के खाते को 'फ्रॉड' घोषित किया, 2016 के 700 करोड़ रुपये के लोन में गड़बड़ी का आरोप।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- August 24, 2025 | 1:51 PM IST

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी कर्ज में डूबी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और इसके पूर्व निदेशक अनिल अंबानी के खाते को ‘फ्रॉड’ घोषित कर दिया है। बैंक ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने साल 2016 में लिए गए लोन में गड़बड़ी और फंड डायवर्जन किया था।

बैंक ऑफ इंडिया ने अगस्त 2016 में आरकॉम को 700 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। इसमें से अक्टूबर 2016 में जारी की गई आधी राशि को कंपनी ने फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल दिया, जबकि यह लोन की शर्तों के खिलाफ था।

आरकॉम ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि 22 अगस्त को उसे बैंक ऑफ इंडिया का पत्र मिला, जिसमें कंपनी, अनिल धीरजलाल अंबानी (पूर्व निदेशक) और मंजरी अशोक कक्कर (पूर्व निदेशक) के खाते को ‘फ्रॉड’ घोषित करने का फैसला बताया गया।

इससे पहले जून में एसबीआई ने भी आरकॉम और अनिल अंबानी के खाते को धोखाधड़ी वाला करार दिया था और फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। इसी शिकायत के बाद सीबीआई (CBI) ने शनिवार को अंबानी के घर और आरकॉम से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की।

एसबीआई का कहना है कि फंड में गड़बड़ी के कारण बैंक को 2,929 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया का कहना है कि आरकॉम का खाता 30 जून 2017 को एनपीए हो गया था, जिसमें 724.78 करोड़ रुपये बकाया हैं।

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह मामला 10 साल से ज्यादा पुराना है और उस समय अंबानी गैर-कार्यकारी निदेशक थे, जिनका कंपनी के दैनिक संचालन से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि अंबानी को “जानबूझकर निशाना बनाया गया है”।

आरकॉम ने बताया कि इसकी सहयोगी कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को भी बैंक ऑफ इंडिया ने इसी तरह का नोटिस जारी किया है।

फिलहाल आरकॉम 40,400 करोड़ रुपये के कुल कर्ज में डूबी हुई है और कंपनी के मामलों को दिवालिया प्रक्रिया के तहत ऋणदाताओं की समिति (CoC) और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल देख रहे हैं।

First Published : August 24, 2025 | 1:51 PM IST