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विज्ञापन कंपनियों को रास आ रहा है इंटरनेट

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Last Updated- December 05, 2022 | 7:14 PM IST

टीवी विज्ञापनों के जरिये पेप्सीको और रीबॉक की बिक्री में हर साल दहाई अंकों का इजाफा होता है।


विज्ञापनों की इसी पहुंच का फायदा उठाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने स्ट्राबेरी फ्रॉग विज्ञापन एजेंसी के संस्थापक स्कॉट गुडसन को अकाउंटेंसी के एक सॉफ्टवेयर के विज्ञापन के लिए कहा था।


स्कॉट ने प्रिंट और टीवी मीडिया के लिए विज्ञापन बनाने के बजाए आइडिया विन्स नाम से कैम्पेन बनाया। इस कैम्पेन में स्थानीय लोगों द्वारा शुरू किए गए कारोबार के बारे में जानकारी थी। इसे उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के उस सॉफ्टवेयर के साथ जोड़ दिया। इस कैम्पेन के लांच होने के एक साल के अंदर ही लगभग 15 लाख लोगों ने इस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड किया। यह आंकड़ा कंपनी के लक्ष्य से तीन गुना अधिक था।


भारत में टीवी और प्रिंट जैसे पारंपरिक माध्यम ही विज्ञापन क्षेत्र के 80 फीसदी के भागीदार हैं।भारतीय विज्ञापनदाताओं ने भी इंटरनेट और मोबाइल की विज्ञापन क्षमताओं को पहचानना और उनका इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

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First Published - April 7, 2008 | 1:54 AM IST

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