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Adani-Hindenburg Row: अदाणी मामले में एक्सपर्ट पैनल पर केंद्र का सुझाव सीलबंद लिफाफे में स्वीकार नहीं- SC

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Last Updated- February 17, 2023 | 4:47 PM IST
Gautam Adani

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने शेयर बाजार के लिए नियामक उपायों को मजबूत बनाने की खातिर विशेषज्ञों की समिति पर केंद्र के सुझाव को सीलबंद लिफाफे में स्वीकार करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि वह निवेशकों के हितों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है तथा वह सीलबंद लिफाफे में केंद्र सरकार के सुझाव को स्वीकार नहीं करेगी।

पीठ ने कहा, ‘‘ हम सीलबंद लिफाफे में आपके सुझावों को स्वीकार नहीं करेंगे, क्योंकि हम पारदर्शिता बनाए रखना चाहते हैं।’’ उच्चतम न्यायालय ने 10 फरवरी को कहा था कि अदाणी समूह के शेयरों की कीमतों में भारी गिरावट की पृष्ठभूमि में भारतीय निवेशकों के हितों को बाजार की अस्थिरता को देखते हुए संरक्षित करने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र से नियामक तंत्र को मजबूत बनाने के लिए एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक समिति बनाने पर विचार करने को कहा था।

वकील एम एल शर्मा और विशाल तिवारी, कांग्रेस नेता जया ठाकुर और कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने अब तक उच्चतम न्यायालय में इस मुद्दे पर चार जनहित याचिकाएं दायर की हैं। हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा अदाणी समूह के खिलाफ कई आरोप लगा जाने के बाद, समूह के शेयरों की कीमतों में काफी गिरावट आई है। हालांकि, समूह ने उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है।

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First Published - February 17, 2023 | 4:46 PM IST

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