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अदाणी समूह ने मुंबई हवाई अड्डे में खरीद पूरी की

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:37 AM IST

अदाणी समूह ने मुंबई इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (मायल) में 23.5 फीसदी हिस्सेदारी की खरीद पूरी कर ली है। कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका की दो कंपनियों हिस्सेदारी खरीदी है जो देश के दूसरे सबसे व्यस्त हवाई अड्डे में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल करने की ओर उठाया गया उसका पहला कदम है। अदाणी एंटरप्राइजेज ने शनिवार को स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा है कि उसकी हवाई अड्डा इकाई ने बिडवेस्ट से 13.5 फीसदी हिस्सेदारी और एयरपोर्ट कंपनी ऑफ साउथ अफ्रीका से 10 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 1,685.25 करोड़ रुपये में किया है। यह सौदे के साथ ही मुंबई हवाई अड्डे में नियंत्रण और हिस्सेदारी हासिल करने के लिए अदाणी समूह की दो साल पुरानी लड़ाई खत्म हो गई है। इसके साथ ही इस हवाई अड्डे से विदेशी निवेश भी बाहर हो गए हैं।
समूह ने सरकार की निजीकरण पहल के तहत देश में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) से हवाई अड्डों का अधिग्रहण पहले ही कर लिया है। पिछले अगस्त में अदाणी समूह ने मुंबई हवाई अड्डे में 50.5 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए जीवीके समूह के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस सौदे में दक्षिण अफ्रीका की दो कंपनियों से 23.5 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी शामिल था।
मार्च 2019 में बिडवेस्ट ने अदाणी समूह को 1,248 करोड़ रुपये में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस पर जीवीके समूह ने पहले इनकार के अधिकार का प्रयोग किया लेकिन वह सौदा करने में असमर्थ था। उसके बाद अधिग्रहण की यह लड़ाई अदालत तक पहुंच गई क्योंकि जीवीके समूह इस सौदे से अदाणी समूह को दूर रखने कोशिश की। अक्टूबर 2019 में जीवीके समूह ने अपनी एयरपोर्ट होल्डिंग कंपनी में 79 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री 7,614 करोड़ रुपये में विदेशी निवेशकों के एक समूह को करने की घोषणा की थी लेकिन वह सौदा पूरा नहीं हो सका। समूह ने उससे प्राप्त रकम का उपयोग अपना ऋण बोझ घटाने में और मायल में दक्षिण अफ्रीका के निवेशकों से हिस्सेदारी खरीदने में करने की उम्मीद जताई थी।  लेकिन लेनदारों के दबाव में जीवीके समूह ने मायल में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री अदाणी समूह को करने के लिए सहमति जताई।

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First Published - February 7, 2021 | 11:46 PM IST

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