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Turmeric Price- तेजी से बढ़े हल्दी के वायदा भाव, NCDEX ने लगाया अतिरिक्त मार्जिन

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कमोडिटी एक्सचेंज एनसीडीईएक्स ने 2.5 फीसदी की दर से 17 मई तक के लिए Event based Additional Surveillance Margin (E-ASM) लगा दिया है।

Last Updated- April 26, 2024 | 3:01 PM IST
Turmeric price hike

Turmeric Price NCDEX: बीते कुछ दिनों से हल्दी की वायदा कीमतों में काफी तेजी देखी जा रही है। इस तेजी को देखते हुए कमोडिटी एक्सचेंज नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) ने इसके वायदा कारोबार पर Event based Additional Surveillance Margin (E-ASM) लगा दिया है। यह मार्जिन कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के दौरान लगाया जाता है। हल्दी के वायदा भाव बीते दो सप्ताह के दौरान 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं।

कितना लगेगा यह अतिरिक्त मार्जिन और कब तक होगा प्रभावी?

कमोडिटी एक्सचेंज NCDEX ने हल्दी के वायदा कारोबार पर 2.5 फीसदी की दर से E-ASM लगा दिया है। यह अतिरिक्त मार्जिन 17 मई तक प्रभावी रहेगा। साथ ही यह मार्जिन सभी मौजूदा अनुबंधों और आगे 17 मई तक लॉन्च होने वाले अनुबंधों पर भी लागू होगा। यह मार्जिन 5 दिन में हल्दी वायदा भाव 10 फीसदी और 10 दिन में 15 फीसदी उतार-चढ़ाव आने पर लागू हो जाएगा।

अतिरिक्त मार्जिन लगाने की क्या रही वजह?

इवेंट आधारित अतिरिक्त मार्जिन किसी जिंस के भाव में भारी उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए लगाया जाता है। अभी हल्दी पर यह मार्जिन लगाने की वजह इसके वायदा भाव तेजी से बढ़ना है। NCDEX पर हल्दी का अगस्त अनुबंध 12 अप्रैल को 16,578 रुपये के भाव पर बंद हुआ था, जो आज बढ़कर 19,998 रुपये क्विंटल तक पहुंच गया। बुधवार को तो यह 20,600 रुपये के करीब पहुंच गया था। बीते दो सप्ताह के दौरान हल्दी के वायदा भाव 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुके हैं।

हल्दी के दाम में क्यों आ रही है तेजी?

हल्दी के दाम बढ़ने की वजह इसका उत्पादन घटने से आवक कमजोर पड़ना है। कारोबारी अनुमान के मुताबिक इस साल देश में हल्दी का उत्पादन घटकर 50 से 55 लाख बोरी रह सकता है, जो पिछले साल के 80 से 85 लाख बोरी (60 किलो) उत्पादन से काफी कम है। उत्पादन कम होने से मंडियों में इसकी आवक भी घट रही है।

जिंसों की आवक और दाम के आंकड़े रखने वाली एजेंसी एगमार्कनेट (agmarknet) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार एक से 25 अप्रैल की अवधि के दौरान मंडियों में 22,633 टन हल्दी की आवक हुई, जो पिछली समान अवधि में हुई 70,052 टन आवक से 67.69 फीसदी कम है।

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First Published - April 26, 2024 | 3:01 PM IST

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