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ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई में उछाल: दलहन और मोटे अनाज का बढ़ा रकबा, धान की खेती पिछड़ी

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इस साल ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई पिछले साल के मुकाबले बढ़ गई है। दलहन, तिलहन और मोटे अनाज के रकबे में जोरदार इजाफा हुआ है, जबकि धान में गिरावट दिखी

Last Updated- April 13, 2026 | 7:16 PM IST
Summer crops
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई अब सुधरने लगी है। पिछले महीने तक इन फसलों की बोआई में कमी दर्ज की जा रही थी। लेकिन इस महीने इनके रकबा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 10 अप्रैल तक ग्रीष्मकालीन फसलों की बोआई 64.10 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गई। यह पिछले साल इसी अवधि के 63.33 लाख हेक्टेयर के मुकाबले 1.22 फीसदी अधिक है। फसलों के भीतर अलग अलग रुझान देखने को मिल रहा है जैसे धान का रकबा घटा है, जबकि दालें, मोटे अनाज और तिलहनों के रकबा में इजाफा हुआ है।  इन फसलों का सामान्य रकबा 75.37 लाख हेक्टेयर है। पिछले वर्ष का अंतिम ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 83.92 लाख हेक्टेयर था।

धान के रकबा में गिरावट

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल 10 अप्रैल तक धान का रकबा 30.59 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल इसी समय 32.30 लाख हेक्टेयर था। इस तरह धान के रकबा में 5.29 फीसदी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल इस सीजन में धान का कुल रकबा 33.28 लाख हेक्टेयर था, जबकि इसका सामान्य रकबा 31.49 लाख हेक्टेयर है।

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दलहन फसलों की बोआई में बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस साल ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई में तेज बढ़त दर्ज की गई है। 10 अप्रैल तक दलहन का रकबा 11.54 लाख हेक्टेयर हो गया है, जो पिछले साल 10.71 लाख हेक्टेयर था। इस तरह दलहन फसलों का रकबा करीब 7.7 फीसदी बढ़ गया। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा 3.9 फीसदी बढ़कर 8.47 लाख हेक्टेयर, जबकि उड़द का 16.81 फीसदी बढ़कर 2.78 लाख हेक्टेयर हो गया।

‘श्री अन्न’ व मोटे अनाज का रकबा भी बढ़ा

ग्रीष्मकालीन सीजन में 10 अप्रैल तक मोटे अनाज (श्री अन्न) का रकबा 13.67 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल 12.70 लाख हेक्टेयर से 7.64 फीसदी ज्यादा है। बाजरा का रकबा  6.98 फीसदी बढ़कर 4.60 लाख हेक्टेयर, मक्का का 7.77 फीसदी बढ़कर 8.46 लाख हेक्टेयर, जबकि ज्वार का करीब 2.78 फीसदी बढ़कर 0.37 लाख हेक्टेयर रह गया। पिछले साल मोटे अनाजों का कुल रकबा 14.06 लाख हेक्टेयर था, जबकि सामान्य रकबा 12.08 लाख हेक्टेयर है।

तिलहनों के रकबा में भी इजाफा

इस गीष्मकालीन सीजन में तिलहन फसलों के रकबा में भी अब बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। 10 अप्रैल तक तिलहनों का कुल रकबा 8.31  लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल के 7.62 लाख हेक्टेयर रकबा से 9.06 फीसदी अधिक है। मूंगफली का रकबा 13.57 फीसदी बढ़कर 4.77 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का 11.43 फीसदी बढ़कर 0.39 लाख हेक्टेयर हो गया, जबकि तिल का रकबा 3 फीसदी बढ़कर 3.09 लाख हेक्टेयर हो गया। पिछले साल तिलहन फसलों का कुल रकबा 9.51 लाख हेक्टेयर था, जबकि इनका सामान्य रकबा 8.40 लाख हेक्टेयर है।

 

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First Published - April 13, 2026 | 7:16 PM IST

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