facebookmetapixel
Advertisement
बारिश ने दिया धोखा तो महंगी हो जाएंगी दाल, सब्जियां और तेल! जानिए कितना बढ़ सकता है असरChatGPT बनाने वाली OpenAI का IPO टला! अब 2027 तक करना पड़ सकता है इंतजार, जानिए क्यों बदला प्लानदक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, कोस्पी 8% से ज्यादा टूटा; 20 मिनट के लिए रोकनी पड़ी ट्रेडिंगCredit Card New Rules: अब क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना होगा महंगा, जानिए 1 जुलाई से क्या-क्या बदल रहा हैपश्चिम एशिया में शांति का असर! सोयाबीन के भाव फिसले, क्या ₹6,500 तक आएगी कीमत?LPG यूजर्स के लिए बड़ा ऐलान! सरकार ने हटाए सभी प्रतिबंध, उद्योग और होटल सेक्टर को राहतCorporate Action: अगले हफ्ते इन शेयरों में होगी बड़ी हलचल! डिविडेंड, बायबैक और स्पिन ऑफ की पूरी लिस्टBest FD Rates: SBI से लेकर Small Finance Banks तक, कहां मिल रहा सबसे ज्यादा FD ब्याज? पूरी लिस्ट देखेंभारत बना एशिया का सबसे बड़ा निवेश ठिकाना! रिपोर्ट में चीन और जापान भी पीछेIRFC OFS रहा हिट! सरकार की झोली में आए ₹2,100 करोड़, रिटेल निवेशकों ने किया मालामाल

तेल पर हुआ अब बेमिसाल मेल

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 9:12 PM IST

खाद्य तेलों का दाम कम होने के बावजूद लोगों तक इसका फायदा न पहुंचने के कारण थोक व्यापारियों ने अब खुद इसे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की एक बेमिसाल मुहिम की शुरुआत कर दी है।


हाल ही में थोक व्यापारियों के एक सर्वे में यह खुलासा होने के बाद कि खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती के से थोक बाजार में इसकी कीमत में 7 से 31 फीसदी तक की कमी आने के बावजूद खुदरा व्यापारी अब भी बढ़ी हुई कीमत पर ही तेल बेच रहे हैं।


लिहाजा तेल के थोक कारोबारी शुक्रवार से आम उपभोक्ताओं को तेल बेचने के लिए दिल्ली की सड़कों पर उतर रहे हैं। कारोबारियों का साथ देने के लिए दिल्ली सरकार ने भी कमर कस ली है। खाद्य मंत्री ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।


शुक्रवार से थोक व्यापारी आम उपभोक्ताओं को सरसों का तेल 60 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचेंगे। सोया रिफाइंड की कीमत आम लोगों के लिए 60 रुपये लीटर तय की गई है तो रिफाइंड वेजीटेबल ऑयल व वनस्पति घी की कीमत समान होगी। इनके भाव 55 रुपये प्रति लीटर होंगे। दिल्ली वेजीटेबल ऑयल ट्रेडर्स एसोसिएशन (डिवोटा) ने आम उपभोक्ताओं को तेल बेचने के लिए पूरी दिल्ली में 25 केंद्र बनाए हैं।


साथ ही मोबाइल वैनों पर भी तेलों की बिक्री की जाएगी। एक उपभोक्ता को पांच किलो से अधिक तेल नहीं दिया जाएगा। अनुमान के मुताबिक दिल्ली में सालाना 2 लाख टन खाद्य तेलों की खपत होती है।


गुरुवार को डिवोटा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि खुदरा व्यापारी अब भी खाद्य तेलों की बिक्री गत 5 मार्च के आस-पास की दरों पर ही कर रहे हैं। जबकि थोक बाजार में 5 मार्च के मुकाबले तेलों की कीमत में 5 से 20 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है।


थोक बाजार में सरसों तेल की कीमत 57 रुपये प्रति किलो के स्तर पर है लेकिन खुदरा बाजार में इसकी कीमत 70-73 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। रिफाइंड वेजीटेबल ऑयल की कीमत थोक बाजार में जहां 57 रुपये प्रति किलो है वही खुदरा बाजार में इसकी कीमत 70 रुपये के आस-पास बतायी जा रही है।


डिवोटा के अध्यक्ष लक्ष्मी चंद अग्रवाल ने बताया कि कम कीमत पर उपभोक्ताओं के बीच जाकर बिक्री करने से उन्हें कोई घाटा नहीं होगा। कारोबारियों ने बताया कि यह बात ठीक है कि मार्च महीने के पहले व दूसरे सप्ताह के दौरान उन्होंने बढ़ी हुई कीमत पर तेल की खरीदारी की। लेकिन आयात शुल्क में कटौती के बाद वे घटी हुई कीमत पर खरीद कर रहे हैं।


आम उपभोक्ताओं के बीच जाकर तेल बेचने से वे अधिक मात्रा में तेल बेचेंगे। ऐसे में उनके घाटे की पूर्ति हो जाएगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान मौजूद दिल्ली सरकार के खाद्य मंत्री हारून युसूफ ने कहा कि महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार इन कारोबारियों के साथ है।


जमाखोरी पर गुजरात में अंकुश


गुजरात सरकार ने खाद्य तेलों और चावल के भंडारण की सीमा तय करने पर विचाार कर रही है, जिसके लिए आवश्यक निर्देश दो दिनों के अंदर जारी किया जा सकता है। राज्य सरकार ने गेहूं और दालों के भंडारण की सीमा भी तय की थी।

Advertisement
First Published - April 11, 2008 | 12:45 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement