facebookmetapixel
त्योहारी मांग और नीतिगत समर्थन से ऑटो सेक्टर रिकॉर्ड पर, यात्री वाहन बिक्री ने बनाया नया इतिहासTata Motors मजबूत मांग के बीच क्षमता विस्तार पर दे रही जोर, सिएरा और पंच फेसलिफ्ट से ग्रोथ को रफ्तार!अधिग्रहण से अगले वर्ष रेवेन्यू 1.5 फीसदी बढ़ेगा, 5G और एआई पर दांव: एचसीएलटेकक्विक कॉमर्स में अब नहीं होगी ‘10 मिनट में डिलिवरी’! गिग वर्कर्स की सुरक्षा पर सरकार सख्तईरान से व्यापार करने वाले देशों पर ट्रंप का 25% टैरिफ, भारत के बासमती चावल और चाय निर्यात पर मंडराया खतराबजट से पहले क्रिप्टो एक्सचेंजों पर सख्त नियमों की तैयारी, सेबी को मिल सकती है बड़ी नियामकीय भूमिका!Editorial: जर्मन चांसलर मैर्त्स की भारत यात्रा से भारत-ईयू एफटीए को मिली नई रफ्तारवीबी-जी राम जी का बड़ा बदलाव: ग्रामीण बीमा से मैनेज्ड इन्वेस्टमेंट की ओर कदमग्लोबल AI सिस्टम की नई पटकथा लिखी जा रही है, भारत के समक्ष इतिहास रचने का मौकाबाजारों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को ध्यान में नहीं रखा, घरेलू मांग बनेगी सुरक्षा कवच

एनसीडीईएक्स ने शुरु किया थर्मल कोयले का वायदा कारोबार

Last Updated- December 07, 2022 | 8:43 PM IST

नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीजीईएक्स) ने थर्मल कोयले का वायदा कारोबार शुरु कर दिया है।


बुधवार को शुरू किये गये थर्मल कोयले के वायदा कारोबार में फिलहाल अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के तीन अनुबंधों का वायदा कारोबार शुरु किया गया है। थर्मल कोयले के लिए डिलिवरी और कारोबारी इकाई 100 टन तय की गई है। इसके लिए मुख्य डिलीवरी सेंटर नागपुर होगा।

एनसीडीईएक्स में थर्मल कोयला के वायदा कारोबार की शुरुआत पर खुशी व्यक्त करते हुए एनसीडीईएक्स के चीफ बिजनेस ऑफिसर अनुपम कौशिक ने कहा कि थर्मल कोयले का वायदा शुरु होने से इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को कारोबार करने का एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल गया है। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में अभी सिर्फ तीन अनुबंधों में कारोबार शुरु किया गया।

बाकि तीन अनुबंधों में कारोबार अगले साल शुरु किया जाएगा। थर्मल कोयले का अनुबंध शुरु होने से कोयले की कीमतों का सही और पारदर्शिता के साथ आकलन करने में आसानी होगी। ट्रेडिंग यूनिट 100 टन तय की गई है, इसके गुणांक में आगे के भी लॉट की सीमा तय होगी।

यूनिट मूल्य रुपये प्रति टन के हिसाब से तय की जाएगी। गौरतलब है थर्मल कोयले के वायदा कारोबार के शुरु होने से कोल कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों को कोयले के कीमत का एक संकेतिक आधार भी प्राप्त हो गया है ऐसा कहना था गुप्ता कॉर्पोरेशन के चेयरमैन पदमेश डी गुप्ता का।

उनके अनुसार अब कोयले की कीमतों का अगला रुख क्या होगा इसको भापने में आसानी होगी जिससे कारोबारी सुरक्षित भंडार अपने पास रख सकेगें। पिछले दो साल में कोयले की कीमतों में लगभग 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। 

देश में कोयले का सालाना उत्पादन 4500 लाख टन होता है और देश में कुल कोयले की सालाना खपत 4900 लाख टन की है। इस तरह देश में 400 लाख टन कोयले की कमी पड़ जाती है जिसे इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रिका और ऑस्ट्रेलिया से आयात किया जाता है।

First Published - September 11, 2008 | 12:07 AM IST

संबंधित पोस्ट