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Kharif sowing 2023: खरीफ फसलों में गिरावट थमी, मोटे अनाज की बोआई ने पकड़ी रफ्तार

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पहले मानसून में देरी के कारण खरीफ फसलों की बोआई पिछड़ रही थी लेकिन अब बारिश होने से इसमें सुधार हो रहा है

Last Updated- June 30, 2023 | 9:47 PM IST
crops

खरीफ फसलों की बोआई अब जोर पकड़ने लगी है। पिछले सप्ताह तक इन फसलों के रकबा में गिरावट दर्ज की जा रही थी, जो अब थम गई है और इस सप्ताह खरीफ फसलों के रकबा में थोडा इजाफा हुआ है। पहले मानसून में देरी के कारण खरीफ फसलों की बोआई पिछड़ रही थी। अब बारिश होने से इसमें सुधार हो रहा है।

खरीफ फसलों की कुल बोआई बढ़ी

कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में 30 जून तक 203.19 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों की बोआई हो चुकी है। पिछली समान अवधि में यह आंकडा 202.34 लाख हेक्टेयर था। इस तरह 30 जून को समाप्त इस सप्ताह तक खरीफ फसलों की बोआई करीब आधा फीसदी बढ़ी है, जबकि पिछले सप्ताह तक बोआई में 4.45 फीसदी और इससे पहले वाले सप्ताह तक 49 फीसदी गिरावट दर्ज की गई थी।

तिलहन व मोटे अनाज की बोआई बढ़ने से खरीफ फसलों की कुल बोआई में इजाफा हुआ है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में धान की बोआई करीब 26 फीसदी गिरकर 26.56 लाख हेक्टेयर और कपास की बोआई करीब 14 फीसदी घटकर 40.50 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई, जबकि गन्ने का रकबा 2.8 फीसदी बढ़कर 54.40 लाख हेक्टेयर रहा।

तिलहन फसलों की बोआई ने पकड़ा जोर

पिछले सप्ताह तक कमजोर रहने वाली तिलहन फसलों की बोआई ने इस सप्ताह जोर पकड़ लिया। 30 जून तक 21.55 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि की 18.81 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 14.6 फीसदी अधिक है। हालांकि फिलहाल खरीफ सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन की बोआई करीब 17 फीसदी घटकर 4.61 लाख हेक्टेयर रही। लेकिन मूंगफली के रकबा में 34 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी से तिलहन फसलों की कुल बोआई बढ़ी है। 30 जून तक 15.77 लाख हेक्टेयर में मूंगफली बोई जा चुकी है। जिसकी अब तक बोई गई कुल तिलहन फसलों में करीब 70 फीसदी हिस्सेदारी है।

दलहन फसलों के रकबे में इजाफा

पिछले सप्ताह दलहन फसलों के रकबा में सुधार हुआ था और इसमें 3.30 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी। लेकिन इस सप्ताह दलहन फसलों की बोआई थोड़ी सुस्त रही। 30 जून तक 18.15 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि में बोआई के आंकडे 18.51 लाख हेक्टेयर से 1.9 फीसदी कम है। अरहर की बोआई की करीब 80 फीसदी घटकर 1.11 लाख हेक्टेयर रही, लेकिन मूंग का रकबा 28.6 फीसदी बढकर 11.23 लाख हेक्टेयर, उड़द का 6.8 फीसदी बढकर 1.72 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। अन्य दलहन का रकबा करीब 50 फीसदी बढकर 4 लाख हेक्टेयर रहा।

Also read: बढ़ती कीमत के बीच अरहर का होगा 35 फीसदी ज्यादा आयात, मंगाई जाएगी 12 लाख टन एक्स्ट्रा दाल

मोटे अनाज की बोआई 61 फीसदी बढ़ी

चालू खरीफ सीजन में अब तक 36.23 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की बोआई हो चुकी है, जो पिछले समान अवधि में 22.41 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 61.7 फीसदी अधिक है। अनाज की बोआई में वृद्धि की प्रमुख वजह बाजरा की बोआई 177.5 फीसदी बढ़ना है। अब तक 25.67 लाख हेक्टेयर में बाजरा बोया जा चुका है, जबकि पिछली समान अवधि में यह आंकडा 9.25 लाख हेक्टेयर था। ज्वार की बोआई में 4.3 फीसदी बढ़ोतरी हुई है, जबकि मक्के की बोआई 24.3 फीसदी, रागी की बोआई 2.2 फीसदी और छोटे मिलेटस की बोआई 3.2 फीसदी घटी।

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First Published - June 30, 2023 | 9:47 PM IST

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