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रबी के लिए डीएपी होगा आयात

Last Updated- December 08, 2022 | 2:05 AM IST

रबी की बुआई का वक्त नजदीक आने के साथ ही खाद आपूर्ति को लेकर सरकार की परेशानियां बढ़ती जा रही है।


रबी में मुख्य तौर पर बोए जाने वाले गेहूं में डाइअमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) खाद का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे उर्वरक मंत्रालय ने दिलासा दिया है कि डीएपी का आयात किया जाएगा और मांग पूरी की जाएगी।

डीएपी जैसी मिश्रित खाद बनाने वाली कंपनियों में उत्पादन काफी कम हो गया है। इससे स्थितियां और खराब हो गई है। भारत में साल भर में 20 लाख टन मिश्रित खाद का उत्पादन होता है। सरकार ने इस साल बजट में घोषणा की थी कि वह कॉम्प्लेक्स खाद पर सब्सिडी की व्यवस्था करेगी।

हालांकि अगर यह सब्सिडी दी भी जाती है, तो इससे मिश्रित खादों की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इससे दोनों तरह की खाद की कीमतों में काफी अंतर जरूर हो जाएगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक ए के जोशी ने बिजनेस स्टैडंर्ड को बताया, ‘हमारे देश में जलवायु और मिट्टी की प्रकृति के मुताबिक अलग-अलग तरीके की खाद का इस्तेमाल किया जाता है।

जहां कॉम्प्लेक्स खाद का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, वहां विकल्प के तौर पर मिश्रित खाद काम आती है।’ अगर मिश्रित खाद बनाने वाली कंपनियों की बात करें, तो लागत बढ़ने की वजह से उनका उत्पादन घटने लगा है। इन कंपनियों ने सरकार से गुहार भी लगाई, लेकिन स्थिति जस की तस है।

कैबिनेट की पिछली बैठक में कहा गया कि कॉम्प्लेक्स खाद की आपूर्ति कर पाना संभव नहीं है। जोशी ने कहा, ‘सरकार तब चिंतित होती है, जब समस्या खड़ी हो जाती है। किल्लत से कालाबाजारी बढ़ती है। ऐसे में पिसता किसान ही है।’

कृषि मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कमी को डीएपी खाद के जरिये पूरा किया जाएगा। इसके लिए सरकार डीएपी का आयात करेगी। ब्लॉक स्तर पर किसानों की खाद आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और इसमें धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

First Published - November 3, 2008 | 9:37 PM IST

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