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Coca Cola, Pepsi का बड़ा दांव! रिलायंस के Campa को टक्कर देने के लिए ₹10 में नो-शुगर ड्रिंक्स लाई दोनों कंपनियां

दोनों कंपनियों ने अपने डाइट और लाइट बेवरेजेस के लिए 10 रुपये के पैक्स लॉन्च किए हैं, जिनमें थम्स अप एक्स फोर्स, कोक जीरो, स्प्राइट जीरो और पेप्सी नो-शुगर शामिल हैं।

Last Updated- March 21, 2025 | 5:03 PM IST
Coca Cola
प्रतीकात्मक तस्वीर | फोटो क्रेडिट: Pexels

रिलायंस कंज्यूमर के कैंपा से मुकाबला करने के लिए, बेवरेज कंपनियां कोका-कोला और पेप्सिको अपने ‘नो-शुगर’ प्रोडक्ट्स की रेंज बढ़ा रही हैं। वे कम कैलोरी वाले ड्रिंक्स की बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए डाइट और लाइट वैरिएंट्स को छोटे पैक्स में पेश कर रही हैं, जिनकी कीमत 10 रुपये रखी गई है और ये कई ब्रांड्स में उपलब्ध हैं।

न्यूज वेबसाइट द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियों ने अपने डाइट और लाइट बेवरेजेस के लिए 10 रूपये के पैक्स लॉन्च किए हैं, जिनमें थम्स अप एक्स फोर्स, कोक जीरो, स्प्राइट जीरो और पेप्सी नो-शुगर शामिल हैं। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पहली बार है जब इन कंपनियों की भारतीय यूनिट ने डाइट और लाइट ड्रिंक्स को इस कीमत पर पेश किया है।

रणनीति के तहत लिया गया फैसला

छोटे पैक्स को कम कीमत पर पेश करके कोका-कोला और पेप्सिको अपने मुख्य ब्रांड्स की कीमत को बिना सीधे कटौती किए बनाए रखना चाहते हैं। एक सीनियर इंडस्ट्री विशेषज्ञ ने कहा कि ये बहुराष्ट्रीय बेवरेज कंपनियां कैंपा के बाजार में विस्तार को देखते हुए सावधानी से अपनी कीमत तय करने से पहले कदम उठा रही हैं।

न्यूज रिपोर्ट में एमएमजी ग्रुप के ग्रुप चेयरमैन संजीव अग्रवाल के हवाले से कहा गया है, जो कोका-कोला की फ्रैंचाइजी बॉटलर मून बेवरेजेस के मालिक हैं। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं में कम और बिना चीनी वाले बेवरेजेस की पसंद बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए, ब्रांड्स ने डाइट कोक से आगे बढ़कर कोक जीरो, स्प्राइट जीरो और थम्स अप एक्स फोर्स जैसे नो-शुगर प्रोडक्ट्स को 10 रुपये, 20 रुपये और 30 रुपये की कीमतों पर पेश किया है, जिनके साइज 250 मिलीलीटर और 500 मिलीलीटर हैं।

पेप्सिको की नजर में बड़े बाजार

पेप्सिको ने 200 मिलीलीटर की नो-शुगर पेप्सी बोतलें 10 रुपये में लॉन्च की हैं, जिसकी शुरुआत आंध्र प्रदेश से हुई। आंध्र प्रदेश सॉफ्ट ड्रिंक का बड़ा बाजार माना जाता है। इससे जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि यह कदम कैंपा और अन्य क्षेत्रीय ब्रांड्स को चुनौती देने के लिए उठाया गया है। कैंपा ने 2023 में आंध्र प्रदेश में अपनी शुरुआत की थी, जिसके चलते यह कोला ब्रांड्स के लिए एक जंग का मैदान बन गया है।

First Published - March 21, 2025 | 5:01 PM IST

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