facebookmetapixel
Advertisement
LPG यूजर्स के लिए बड़ा ऐलान! सरकार ने हटाए सभी प्रतिबंध, उद्योग और होटल सेक्टर को राहतCorporate Action: अगले हफ्ते इन शेयरों में होगी बड़ी हलचल! डिविडेंड, बायबैक और स्पिन ऑफ की पूरी लिस्टBest FD Rates: SBI से लेकर Small Finance Banks तक, कहां मिल रहा सबसे ज्यादा FD ब्याज? पूरी लिस्ट देखेंभारत बना एशिया का सबसे बड़ा निवेश ठिकाना! रिपोर्ट में चीन और जापान भी पीछेIRFC OFS रहा हिट! सरकार की झोली में आए ₹2,100 करोड़, रिटेल निवेशकों ने किया मालामालNALCO, Hindalco: एल्युमिनियम शेयरों से निकलने का वक्त? रिपोर्ट में 30-40% डाउनसाइड की चेतावनीApple ने ग्राहकों को दिया बड़ा झटका! MacBook और iPad हुए महंगे, कंपनी ने बताई बड़ी वजह₹12.48 लाख करोड़ की AMC, आखिर क्यों खास है SBI Mutual Fund IPO?Apollo से Medanta तक, इन 4 Hospital Stocks में बड़ा मौका! ब्रोकरेज दिया 40% तक का टारगेटBank Holiday: मुहर्रम पर आज बैंक खुला है या बंद? घर से निकलने से पहले जरूर जान लें आपके शहर का अपडेट

‘महंगाई रोकने के लिए लगाया है सीमेंट निर्यात पर प्रतिबंध’

Advertisement
Last Updated- December 05, 2022 | 9:40 PM IST

डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रोमोशन ( डीआईपीपी ) के सचिव अजय शंकर का कहना है कि सरकार ने बढ़ती कीमतों को काबू में करने के लिए सीमेंट के  निर्यात पर रोक लगाई गई है।


सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू मांग को पूरा करना है। शंकर का कहना है कि सरकार सीमेंट की कीमतों में स्थिरता चाहती है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री कमलनाथ का  भी कहना है कि सीमेंट की मांग को पूरा करने के लिए और मांग और आपूर्ति के अनुपात को बराबर करने के लिए सीमेंट के निर्यात पर रोक लगाई गई है।


गौरतलब है कि इस समय देश में निर्माण उद्योग पूरी तेजी पर है, इस वजह से सीमेंट की मांग बढना लाजिमी है। इसके साथ ही महंगाई दर के 7.41 फीसदी पहुंचने से सरकार की नाक में दम होना स्वाभाविक है। ऐसे में इस स्थिति से निपटने और मांग और आपूर्ति में तालमेल बिठाने के लिए सरकार ने पिछले हफ्ते ही सीमेंट के निर्यात पर पाबंदी लगाई है।


शंकर का कहना है कि इस साल सीमेंट उद्योग के और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। पिछले कुछ समय से लगातार अंतरालों पर सीमेंट की कीमतों में बढोतरी होने से निर्माण उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की लागत में इजाफा हुआ है।


सीमेंट कंपनियों ने सरकार के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कंपनियों ने इसको ‘पीछे की ओर ले जाने वाला कदम बताया है’ जिससे इन कंपनियों के निर्यात ऑर्डर प्रभावित होंगे। भारत ने पिछले वित्त वर्ष में अप्रैल से फरवरी के दौरान 33.3 लाख टन सीमेंट का निर्यात किया। देश में सीमेंट 17 करोड़ टन सालाना उत्पादन होता है।


सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (सीएमए) का अनुमान है कि अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 50,000 करोड़ रुपये के निवेश से सीमेंट कंपनियां अपनी वर्तमान क्षमता में 11 करोड़ टन सालाना का इजाफा कर सकती हैं।  

Advertisement
First Published - April 15, 2008 | 8:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement