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पॉल्ट्री उद्योग पर बर्ड फ्लू का कहर

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Last Updated- December 05, 2022 | 4:31 PM IST

पश्चिम बंगाल में एक बार फिर से दस्तक दे रही बर्ड फ्लू, वहां के पॉल्ट्री कारोबारियों के लिए मुसिबत का सबब बन गई है। मुर्शिदाबाद में इस बीमारी के पांव पसारने की आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी गई है।


इसके बावजूद वहां के कारोबारी इसे हल्के में ले रहे हैं।


 इस संबंध में नेशनल एग को-ऑर्डिनेशन कमिटी के अध्यक्ष मदन मोहन मैते का कहना है कि अब तक इस बीमारी से कारोबार प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में यह कहर बरपा सकता है।


चूंकी भोपाल में की गई जांच में इस बात से इनकार नहीं किया गया हैकि मुर्शिबाद में बर्ड फ्लू पैर पसार चुकी है।


लोगों को इस बात का भान होना चाहिए कि वहां वर्तमान तापमान में बर्ड फ्लू वायरस जीवित नहीं रह सकते।


गौरतलब है कि अकेले पश्चिम बंगाल में मुर्गे की खपत 10 लाख किलो से ज्यादा की है और अंडे की रोजाना खपत कुल 1.5 करोड़ है।
कोलकाता अंडा व्यापारी संगठन की अध्यक्षा काजल दत्ता कहती हैं कि अब तक के समाचारों के मुताबिक, अंडे के कारोबार में गिरावट नहीं आई है, जबकि अंडा खाने वाले लोगों को इससे खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।


लेकिन कुछ लोगों के इसमें निहित स्वार्थ हो सकते हैं, जो बर्ड फ्लू बीमारी की अफवाह फैलाकर अपना हित साधना चाहते हैं। फिर भी बर्ड फ्लू की दस्तक की खबर के बाद से अंडा की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।


दूसरी ओर, राज्य भर में 34 लाख मुर्गियों के मारे जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में होने का दावा झूठा साबित हो रहा है।


हालांकि इस संबंध में पश्चिम बंगाल के पशु संसाधन विकास मंत्री रहमान का कहना है कि मुझे आशा थी कि 50,000 और मुर्गियों के मारने से स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।


 लेकिन ऐसा पूरे तौर पर पहीं हो सकता। फिर भी राज्य के 90 फीसदी क्षेत्र बर्ड फ्लू से प्रभावित नहीं हहैं और इस बीमारी के निशान मुर्शिदाबाद के दो गांव से मिली है।


ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि पिछली बार मुर्गियों के मारने के दौरान कुछ बीमारी वाली मुर्गियों को मारा नहीं जा सका हो।


लिहाजा, अब हमारा लक्ष्य है कि प्रभावित इलाके में और पचास हजार मुर्गियां मारी जाएं।


इसके अलावा, रहमान उन तमाम अटकलों को खारिज करते हैं कि पॉल्ट्री उद्योग पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
बांग्लादेशी मुर्गियों की तस्करी भी इस बीमारी की वजह हो सकती है?


इसके जवाब  पर मंत्री ने बताया कि यह काम केंद्र सरकार का है कि वह सीमा पर चौकसी बढ़ाए या उसे सील करे। इस संबंध में हमने केंद्र सरकार से कदम उठाने की बात कही है।

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First Published - March 11, 2008 | 8:53 PM IST

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