facebookmetapixel
Advertisement
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी जीवन बीमा की मांग मजबूत रहेगी, HDFC Life चेयरमैन केकी मिस्त्री का भरोसामुंबई पोर्ट का बड़ा इंफ्रा विस्तार, ₹3,541 करोड़ की परियोजनाओं से बढ़ेगी कार्गो और पर्यटन क्षमतापश्चिम एशिया संकट से बिजली उपकरण उद्योग पर बढ़ा लागत का दबाव, एल्युमीनियम-तांबे की कीमतों में तेज उछालसरकार की विनिवेश मुहिम तेज, Q1 में ही ₹18,000 करोड़ से ज्यादा जुटाए; पिछले वित्त वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ाFCNR(B) जमा पर 9x लीवरेज की पेशकश की तैयारी, NRI निवेशकों को मिल सकता है 12-18% रिटर्नकच्चे तेल में नरमी से बाजार को सहारा, सेंसेक्स-निफ्टी ने लगातार तीसरे सप्ताह दर्ज की बढ़तट्रेंट ने दोहराया 10 गुना ग्रोथ का लक्ष्य, वेस्टसाइड-जूडियो विस्तार और बेहतर LFL से तेजी की उम्मीदनिफ्टी IT इंडेक्स टूटने के बाद भी म्युचुअल फंड निवेशकों ने पैसिव स्कीम्स में लगाया करोड़ों का दांवभारतीय शेयर बाजार में जल्द लौट सकती है तेजी, ICICI Securities ने बताए सुधार के मजबूत संकेतकच्चे तेल में गिरावट और विदेशी निवेश से रुपया लगातार चौथे दिन मजबूत, बॉन्ड यील्ड भी फिसली

आंध्र सरकार ने तय की सीमेंट की कीमतें

Advertisement
Last Updated- December 06, 2022 | 12:00 AM IST

आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में सीमेंट की कीमतें तय कर दी हैं। सरकार ने सीमेंट निर्माताओं से कहा है कि वे सीमेंट को 200 रुपये प्रति बोरी (50 किलो) से अधिक नहीं बेच सकते है।


लेकिन उन्हें ट्रांसपोर्ट लागत के तौर पर 5 से 10 रुपये प्रति बोरी अधिक कीमत लेने की इजाजत दी गयी है।राज्य के वित्त मंत्री के रुसैया ने कहा है कि सीमेंट कंपनियां राज्य की महत्वाकांक्षी परियोजना इंदिराम्मा को पूरा करने के लिए 160 रुपये की चालू कीमत पर सीमेंट उपलब्ध कराने पर सहमत हो गई हैं।


मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में सीमेंट कंपनियां किसी भी तरह से सीमेंट की कमी पैदा करने के लिए कोई गठजोड़ नहीं बना रही हैं। गौरतलब है कि कल ही वित्त मंत्री ने कहा था कि सीमेंट कंपनियां दाम बढ़ाने के लिए गठजोड़ बना लिया है। दूसरी ओर दिल्ली में सरकार ने शुक्रवार को कहा कि सीमेंट के निर्यात पर प्रतिबंध लगने से देश में सीमेंट की कीमतों में स्थिरता आएगी।


इस क्षेत्र में गोलबंदी की जांच के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। यहां सीआईआई के एक सेमिनार में उद्योग राज्यमंत्री अश्विनी कुमार ने कहा – सीमेंट निर्यात पर रोक से कीमतें स्थिर होंगी क्योंकि देश में बड़ी मात्रा में सीमेंट उपलब्ध होगा और मांग और आपूर्ति के बीच अंतर काफी हद तक खत्म हो जाएगा। सरकार ने सीमेंट के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।


कुमार ने कहा कि सरकार सीमेंट, इस्पात और अन्य उद्योग में गोलबंदी रोकने के लिए उपाय करना जारी रखेगी क्योंकि कीमतों पर नियंत्रण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री ने कहा – हमने राज्य सरकारों को पहले ही यह छूट दे रखी है कि वे स्टॉकिस्टों के भंडारण की सीमा तय कर सकती हैं।

Advertisement
First Published - April 25, 2008 | 11:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement