1991 से अब तक का सफर: अविश्वास से निकलकर भरोसे पर आधारित आर्थिक नीति बनाने की जरूरत
भारत के लिए वर्ष 1989 से 1991 तक का समय बहुत मुश्किल भरा था: आर्थिक संकट, विदेशी मुद्रा भंडार में कमी और बैंक ऑफ इंगलैंड को सोना भेजना, ये सभी ऐसी बातें थीं जिसने भारत की आर्थिक बुनियाद हिला कर रख दी थी और हालात निराशाजनक लग रहे थे। इन परिस्थितियों के बीच भारतीय उद्योग […]
