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लेखक : अरुणाभ घोष

आज का अखबार, लेख

जलवायु संकट से निपटने के लिए सिर्फ वादों से नहीं चलेगा काम, ठोस कदम उठाने की जरूरत

करीब 10 दिनों की गहन बातचीत के बाद ब्राजील के बेलेम शहर से यह संदेश स्पष्ट है: हम कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कॉप) वार्ताओं के कठिन चरण में हैं। आरंभिक वक्तव्य अब फीका पड़ चुका है और अब जरूरत है कि जलवायु संकट के अनुरूप एक ठोस प्रतिक्रिया तैयार की जाए। लगातार बारिश से हो रहे […]

आज का अखबार, लेख

निराशा से समाधान तक: कैसे भारत पराली जलाने की समस्या का कर सकता है अंत

उत्तर भारत में फसलों के अवशेष यानी पराली जलाने का काम शुरू हो चुका है। बीते सात वर्षों में कई उपाय किए गए ताकि प्रदूषण बढ़ाने वाले इस चलन पर अंकुश लगाया जा सके। इस दौरान फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों के वितरण से लेकर जैव ईंधन परियोजनाओं का सहयोग करने और जुर्माना लगाने तक जैसे […]

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