यह कदम मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शिक्षण संस्थानों के संदर्भ में मौजूदा व्यवस्थाओं का अध्ययन करने और रणनीति बनाने के लिए 18 सदस्यीय समिति का गठन किए जाने के बाद उठाया गया है।
आईआईटी-दिल्ली के निदेशक आरके शेवगांवकर ने संवाददाताओं को बताया कि संस्थान के प्राध्यापकों का एक समूह विश्व स्तर की एजेंसियों से संपर्क कर उन्हें प्रासंगिक जानकारी मुहैया कराने के काम पर ध्यान केंद्रित करेगा।