HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) ने तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बैंक ने बुधवार देर रात शेयर बाजार को दी जानकारी में यह बताया। बैंक ने यह भी कहा कि केकी मिस्त्री (Keki Mistry) को 19 मार्च 2026 से तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इसके लिए आरबीआई (RBI) की मंजूरी मिल चुकी है।
केकी मिस्त्री फिलहाल बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव, नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं। वह पहले एचडीएफसी लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और सीईओ रह चुके हैं, जो 1 जुलाई 2023 को HDFC बैंक में विलय हो गई थी।
HDFC बैंक में यह बदलाव ऐसे समय पर हुआ है जब बैंक हाल ही में बड़े विलय के बाद अपनी संरचना को मजबूत कर रहा है। नए अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री की नियुक्ति बैंक के लिए अहम मानी जा रही है।
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में लिखा कि पिछले दो साल में बैंक के अंदर कुछ ऐसी बातें और कामकाज देखने को मिले, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता से मेल नहीं खाते। इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक के विलय का जिक्र किया, जिससे बैंक देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विलय के पूरे फायदे अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं।
वहीं, बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि चक्रवर्ती के इस्तीफे के पीछे कोई और कारण नहीं है। बोर्ड ने उनके योगदान की सराहना की और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के आईएएस अधिकारी (गुजरात कैडर) रहे हैं और उन्होंने 35 साल से ज्यादा समय तक सरकारी सेवा की है। वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव रहे। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) का नेतृत्व किया। वित्त, पेट्रोलियम, इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग जैसे क्षेत्रों में काम किया। उन्हें 2021 में HDFC बैंक का पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाया गया था।