कैलेंडर वर्ष 2026 में एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आई है। निफ्टी 50 सूचकांक में 0.8 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक लगभग 6 प्रतिशत गिरा है। निफ्टी एफएमसीजी कैलेंडर वर्ष 2026 में एनएसई पर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टरों में से एक है।
यह खराब प्रदर्शन आईटीसी के शेयर में गिरावट की वजह से भी है। आईटीसी का शेयर कैलेंडर वर्ष 2026 में 20 प्रतिशत गिरकर 317 रुपये पर आ गया है। एनएसई पर 27 मई, 2025 को 52-सप्ताह के ऊंचे स्तर 444.2 रुपये से यह शेयर अब तक करीब 29 प्रतिशत कमजोर हो चुका है। एसीई इक्विटी के आंकड़ों से पता चलता है कि एनसई पर रैडिको खेतान, वरुण बेवरिजेस, इमामी, पतंजलि फूड्स और टाटा कंज्यूमर में 16 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और शोध प्रमुख जी चोकालिंगम ने कहा कि बढ़िया मॉनसून और अच्छे अनाज उत्पादन के बावजूद कंपनियां सुस्त बिक्री वृद्धि और खपत में कमी से जूझ रही हैं। इस कारण क्षेत्र के लिए आगे की राह कठिन हो सकती है।
चोकालिंगम का मानना है कि आईटीसी अन्य ज्यादातर एफएमसीजी शेयरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने 2026 में इस शेयर के लिए लगभग 380 रुपये का कीमत लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा स्तर से लगभग 20 प्रतिशत अधिक है। सिगरेट पर टैक्स बढ़ने के बाद बाजारों में आईटीसी के शेयर पर दबाव कुछ ज्यादा ही है। इसके अन्य व्यवसाय मजबूत राह पर हैं और समय के साथ सिगरेट की बिक्री में बढ़ोतरी होनी चाहिए।
ब्रोकरेज फर्म ऐक्सिस सिक्योरिटीज, इलारा कैपिटल और सिस्टेमैटिक्स ने ताजा घटनाक्रम के बावजूद इस शेयर पर होल्ड या बढ़ाएं रेटिंग बरकरार रखी है।
हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए 6,607 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया। यह पिछले साल से 121 प्रतिशत अधिक है। इस आंकड़े में उसके आइसक्रीम बिजनेस को अलग करने के बाद परिचालन बंद करने से हुआ 4,516 करोड़ रुपये का एकमुश्त लाभ भी शामिल है।
असाधारण मदों को छोड़ दें तो कर पश्चात लाभ 1 प्रतिशत बढ़कर 2,562 करोड़ रुपये हो गया। एचयूएल ने नई श्रम संहिता के मद में 113 करोड़ रुपये की एकमुश्त असाधारण लागत दर्ज की। इस घटनाक्रम के बाद एनएसई पर यह शेयर दिन के कारोबार में लगभग 3 प्रतिशत गिरकर 2,383.10 रुपये के निचले स्तर पर आ गया था।
चयन पर ध्यान
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में निवेश रणनीति के प्रमुख गौरांग शाह कस्बाई और ग्रामीण मांग में संभावित सुधार को ध्यान में रखते हुए चुनिंदा एफएमसीजी शेयरों पर उत्साहित हैं।
उन्होंने कहा, ‘कंपनियों के मुनाफा मार्जिन में सुधार की संभावना है, क्योंकि उत्पादन लागत से जुड़ा दबाव घटा है। हालांकि उन्हें विज्ञापन और प्रोत्साहन खर्चों और डिस्काउंट को नियंत्रित रखना चाहिए। वे ब्रिटानिया, नेस्ले, एचयूएल, आईटीसी, गोदरेज कंज्यूमर, टाटा कंज्यूमर, डाबर और मैरिको पर सकारात्मक बने हुए हैं। 2026 के शेष समय में इन शेयरों में उन्हें 12-15 फीसदी की तेजी का अनुमान है।’
स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा ने कहा कि निवेशक एफएमसीजी शेयरों को लेकर चयन पर जोर दे रहे हैं और केवल उन्हीं में खरीदारी कर रहे हैं जिनमें कमाई की संभावना हो।