facebookmetapixel
Advertisement
Upcoming IPO: SEBI ने तीन फर्मों को दी हरी झंडी, बाजार से ₹1,200 करोड़ रुपये जुटाएंगी ये कंपनियांRupee at record low: रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 1 डॉलर की कीमत 96 के पारक्रेडिट स्कोर बढ़ाने का सीक्रेट: ये 3 आसान आदतें दिलाएंगी हर लोन की मंजूरी, एक्सपर्ट से समझें तरीका‘अमेरिका पर भरोसा नहीं, बातचीत तभी होगी जब वॉशिंगटन गंभीर हो’, दिल्ली में बोले ईरानी विदेश मंत्री26 मई तक केरल पहुंच सकता है मानसून; उत्तर भारत में भीषण लू का अलर्टExplainer: किस पेंशन पर कितना देना होता है टैक्स? ITR फाइल करने से पहले जानना जरूरीभारत को 2037 तक अर्बन इंफ्रा में ₹80 लाख करोड़ निवेश की जरूरत: रिपोर्टअगले हफ्ते एक्स-डिविडेंड होंगे L&T, Havells समेत कई बड़े शेयर, निवेशकों को मिलेगा कैश रिवॉर्डPM Modi UAE Visit: यूएई में पीएम मोदी का बड़ा बयान, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच शांति की पहल में भारत आगेक्या भारतीय बाजार से और पैसा निकालेंगे विदेशी निवेशक? जानिए एक्सपर्ट की बड़ी चेतावनी

चीन से निवेश पर रोक नहीं: राजीव चंद्रशेखर

Advertisement

2020 में सीमा पर चीन से झड़प होने के बाद चीनी कारोबार के प्रति जांच बढ़ी थी

Last Updated- July 26, 2023 | 11:03 PM IST
rajeev chandrasekhar

सीमा पर झड़पों के बावजूद भारत में चीनी निवेश (China Investment) खुला हुआ है। यह जानकारी सूचना तकनीक के केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने बुधवार को फाइनैंशियल टाइम्स को दी।

उन्होंने कहा, ‘हम कहीं से भी और किसी भी कंपनी से व्यापार करने के लिए तैयार हैं बशर्ते वे वैध रूप से कारोबार करें और भारत के कानून का पालन करें।’ चंद्रशेखर ने इस अखबार से बातचीत के दौरान कहा, ‘सभी के लिए निवेश खुला हुआ है जिसमें चीन भी शामिल है।’

टिकटॉक सहित 300 चीनी ऐप पर लगा था बैन

वर्ष 2020 में चीन से सीमा पर झड़प होने के बाद भारत ने चीनी कारोबार के प्रति जांच बढ़ा दी थी। इस क्रम में टिकटॉक सहित 300 चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद भारत ने चीनी निवेशों के प्रति जांच बढ़ा दी है।

BYD का एक अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव खारिज

इकनॉमिक टाइम्स में बीते सप्ताह प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार भारत ने सुरक्षा कारणों से चीनी वाहन निर्माता बीवाईडी कंपनी के एक अरब डॉलर के निवेश के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

हालांकि फाइनैंशियल टाइम्स ने इस मामले के जानकार सूत्र के नाम का खुलासा नहीं करते हुए बताया कि यह आवेदन अभी भी लंबित और वैध है। इस मामले पर भारत के वाणिज्य मंत्रालय से टिप्पणी मांगी गई थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बीवाईडी ने भी इस मामले पर तुरंत टिप्पणी नहीं की।

ऐपल की चीनी अनुबंध निर्माता लक्सशेयर प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड के भारत में दो संयंत्र हैं। इसने भारत में एक और संयंत्र लगाने के लिए अनुमति मांगी हुई है।

फाइनैंशियल टाइम्स ने बताया कि अभी तक भारतीय अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। चंद्रशेखर ने बताया था कि उन्हें लक्सशेयर के आवेदन के बारे में जानकारी नहीं थी। लक्सशेयर ने कोई टिप्पणी नहीं की।

Advertisement
First Published - July 26, 2023 | 11:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement