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AI से अभी तक नौकरियों का नुकसान नहीं, युवा कर्मचारियों की भर्ती धीमी होने के संकेत: Anthropic

अध्ययन कहा गया, ''AI अपनी सैद्धांतिक क्षमता तक पहुंचने से बहुत दूर है। वास्तविक प्रसार व्यवहार्य क्षमता का एक छोटा सा हिस्सा है।''

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अंशु   
Last Updated- March 06, 2026 | 6:06 PM IST

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से अभी तक नौकरियों का कोई उल्लेखनीय नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन इस तकनीक से प्रभावित व्यवसायों में युवा कर्मचारियों की भर्ती धीमी होती दिख रही है। एआई फर्म एंथ्रोपिक (Anthropic) के एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई। इसके मुताबिक AI का वास्तविक प्रसार अभी उसकी क्षमता के मुकाबले काफी कम है।

ज्ञान-आधारित बिजनेस सबसे ज्यादा प्रभावित

क्लाउड चैटबॉट के पीछे काम करने वाले और अब अमेरिकी प्रशासन की जांच के घेरे में आ चुके सैन फ्रांसिस्को स्थित एआई स्टार्टअप की रिपोर्ट में श्रम बाजार के आंकड़ों के साथ वास्तविक दुनिया में AI के उपयोग का विश्लेषण किया गया है। इसमें पाया गया कि ऑफिस से जुड़े, ज्ञान-आधारित बिजनेस एआई से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

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विशेष रूप से कोडिंग, इंफॉर्मेशन प्रोसेसिंग, एनालिसिस, विश्लेषण और नियमित डिजिटल कार्यों से जुड़ी भूमिकाएं। वास्तव में कंप्यूटर प्रोग्रामर, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि, डेटा एंट्री ऑपरेटर, मार्केट रिसर्च एनालिस्ट और फाइनैंशियल और इन्वेस्टमेंट एनालिस्ट जैसे पद सबसे ज्यादा प्रभावित व्यवसायों में शामिल हैं। इनके कई कार्यों को पहले ही लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) ने ऑटोमेट या तेज कर दिया है।

शारीरिक श्रम वाली नौकरियों पर सबसे कम असर

इसके विपरीत मुख्य रूप से शारीरिक क्षमताओं की आवश्यकता वाली नौकरियों पर इसका सबसे कम प्रभाव पड़ता दिख रहा है, जिनमें रसोइया, मोटरसाइकिल मैकेनिक, लाइफगार्ड और बारटेंडर शामिल हैं। अध्ययन कहा गया, ”AI अपनी सैद्धांतिक क्षमता तक पहुंचने से बहुत दूर है। वास्तविक प्रसार व्यवहार्य क्षमता का एक छोटा सा हिस्सा है।”

(PTI इनपुट के साथ)

First Published : March 6, 2026 | 6:06 PM IST