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महंगा तेल और एथनॉल को बढ़ावा से EV को मिलेगा बूस्ट: BMW इंडिया CEO

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28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले किए जिससे लड़ाई छिड़ गई। इसके बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को काफी हद तक बंद कर दिया

Last Updated- April 08, 2026 | 10:11 PM IST
Hardeep Singh Brar
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हरदीप सिंह बराड़

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हरदीप सिंह बराड़ ने बुधवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतें और उच्च एथनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की कोशिशों से ईवी को गति मिल सकती है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बेहतर रेंज भी मददगार होगी।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले किए जिससे लड़ाई छिड़ गई। इसके बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को काफी हद तक बंद कर दिया, जिससे कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ गईं। दोनों पक्षों ने फिलहाल दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है।

इसके साथ ही, भारत ने कार बनाने वाली कंपनियों के साथ इस पर चर्चा शुरू कर दी है कि अनिवार्य ई20 पेट्रोल (जिसमें पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत एथनॉल मिला होता है) से हटकर ई25 (एथनॉल का ज्यादा मिश्रण) की ओर कैसे बढ़ा जाए। एथनॉल की कैलरी वैल्यू पेट्रोल से कम होती है, जिसका मतलब है कि इससे प्रति लीटर कम ऊर्जा मिलती है, जिससे गाड़ी का माइलेज कम हो सकता है। इस बात ने खरीदारों और कार निर्माता कंपनियों दोनों के लिए चिंताएं पैदा की हैं।

बराड़ ने कहा कि इस संघर्ष का तत्काल असर उत्पादन लागत के बजाय मुद्रा में होने वाले उतार-चढ़ाव के जरिये ज्यादा महसूस किया जा रहा है। बीएमडब्ल्यू इंडिया के लिए विदेशी मुद्रा अधिक अहम है, क्योंकि कंपनी कलपुर्जों और पूरी तरह से अलग-अलग हिस्सों में (सीकेडी) किट आयात करती है।

उन्होंने कहा, ‘अभी यह अंदाजा लगाना जल्दबाजी होगी कि कच्चे माल की कीमतों का क्या होगा। मेरे लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि फॉरेक्स का क्या रुख रहेगा।’ उन्होंने कहा कि विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के कारण बीएमडब्ल्यू ने 1 अप्रैल से कीमतों में 1-2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है।

ईंधन की कीमतों पर उन्होंने कहा कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू खुदरा दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन बाद में होने वाली किसी भी बढ़ोतरी से खरीदारी के फैसलों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने यहां एक मीडिया राउंडटेबल में कहा, ‘जब भी ये कीमतें बढ़ेंगी, तो उपभोक्ता के मन में एक विचार आएगा कि अगर कीमतें और बढ़ गईं तो क्या होगा, यही बात उन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर मोड़ सकती है।’

उन्होंने कहा कि ज्यादा एथनॉल मिश्रण जैसे नीतिगत कदम इस बदलाव को और बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमें अब तक एथनॉल मिश्रण को लेकर कोई चिंता नहीं दिख रही है। लेकिन इनमें से कोई भी कदम निश्चित रूप से ज्यादा ग्राहकों को ईवी की ओर आकर्षित करेगा।’

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First Published - April 8, 2026 | 10:06 PM IST

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