टाटा मोटर्स, ह्युंडै मोटर इंडिया, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया जैसी इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनियों ने अपने प्रमुख मॉडलों पर 50,000 रुपये से 4 लाख रुपये तक की भारी छूट अप्रैल में भी जारी रखी। ऐसा तब हो रहा है जब मार्च में दमदार बिक्री के बाद ईवी की मात्रात्मक बिक्री रफ्तार स्थिर बनी हुई है। असल में कंपनियां पुराने मॉडल वर्ष वाले स्टॉक को खपाने, बढ़ती प्रतिस्पर्धा से निपटने और साल के आखिर में खरीद के लिए ग्राहकों की बढ़ी दिलचस्पी बनाए रखने के लिए छूट का सहारा ले रही हैं।
ह्युंडै आयोनिक 5 जैसे चुनिंदा प्रीमियम मॉडलों पर मार्च में छूट 10 लाख रुपये तक पहुंच गई थी।
साल 2025 के अधिकांश समय में छूट 50,000 रुपये से 1.5-2 लाख रुपये के दायरे में रही। बढ़ती प्रतिस्पर्धा और स्टॉक जमा होने के मद्देनजर छूट 2025 के आखिर में बढ़ने लगी थी। साल 2026 के जनवरी से फरवरी तक कई मॉडलों पर छूट 2 लाख रुपये को पार कर गई थी। मगर वह मार्च में सबसे अधिक बिकने वाले मॉडलों पर 3-4 लाख रुपये और चुनिंदा प्रीमियम मॉडलों पर इससे भी अधिक हो चुकी थी।
विश्लेषकों का कहना है कि छूट का इस तरह जारी रहना ईवी बाजार को प्रबंधित करने में ढांचागत बदलाव को दर्शाता है। प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा, ‘पिछली दो तिमाहियों के दौरान इलेक्ट्रिक कारों पर छूट में काफी वृद्धि हुई है। कुछ मामलों में छूट 2025 के मध्य के स्तर के मुकाबले 20 से 50 फीसदी तक बढ़ गई है क्योंकि वाहन विनिर्माता बढ़ते स्टॉक को खपाने और तगड़ी प्रतिस्पर्धा से निपटने की कोशिश कर रहे हैं।’
विश्लेषकों और डीलरों का मानना है कि लगातार छूट कमजोर मांग के बजाय ढांचागत और लघु अवधि के कारकों का मिलाजुला प्रभाव है। पुराने मॉडल वर्ष वाले स्टॉक को खपाने की आवश्यकता भी एक प्रमुख कारक है। इसके अलावा बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ईवी वाहनों की व्यापक श्रृंखला ने वाहन विनिर्माताओं को मूल्य निर्धारण पर आक्रामक बने रहने के लिए मजबूर किया है।
वित्त वर्ष के आखिर तक ऐसी पेशकश में तेजी आई जो जनवरी से ऊंची बनी हुई थी। इसे मुख्य तौर पर साल के आखिर में स्टॉक को खपाने के दबाव, संभावित मूल्य वृद्धि से पहले की खरीद और नियामकीय एवं आंतरिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बिक्री बढ़ाने पर वाहन विनिर्माताओं के जोर से बल मिला।
छूट का मौजूदा दौर मार्च में दमदार बिक्री के बाद आया है जब ह्युंडै आयोनिक 5 पर 10 लाख रुपये तक और महिंद्रा एक्सयूवी400 पर 4 लाख रुपये तक की छूट सहित कीमत में प्रमुख कटौती ने भारत के इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बाजार में मूल्य निर्धारण बेंचमार्क को नए सिरे से निर्धारित किया था।
ह्युंडै मोटर इंडिया का प्रतिनिधित्व करने वाले एक डीलर ने कहा, ‘खरीदारों ने जब आयोनिक 5 पर छूट देखी तो खरीदारी का उनका नजरिया ही बदल गया। अब छोटे लाभ भी ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए पर्याप्त हैं।’
हालांकि मार्च में देखी गई भारी छूट अब कम हो गई है लेकिन अधिक बिकने वाले ईवी मॉडलों पर छूट की पेशकश अब भी जारी है। टाटा कर्व ईवी अभी भी चुनिंदा वेरिएंट पर 3 लाख रुपये से अधिक की छूट के साथ उपलब्ध है जबकि टाटा टियागो ईवी और टाटा नेक्सॉन ईवी मॉडल वर्ष एवं वेरिएंट के आधार पर लगभग 50,000 रुपये से 1 लाख रुपये की छूट के साथ उपलब्ध हैं।
टाटा मोटर्स के एक डीलर ने कहा, ‘मार्च में प्रमुख छूट के कारण बिक्री शानदार रही लेकिन अप्रैल में भी कीमत के बारे में पूछताछ से प्रेरित बिक्री दिख रही है।’ अप्रैल में भी यही रुझान दिख रहा है। उद्योग की मात्रात्मक बिक्री अप्रैल में 22,677 वाहनों की रही जो मार्च में 23,097 वाहनों की बिक्री के मुकाबले थोड़ी कम है। इससे पता चलता है कि बिक्री में स्थिरता बरकरार है।
टाटा मोटर्स की बिक्री 8,507 वाहनों के साथ लगभग स्थिर रही जबकि महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की बिक्री थोड़ी घटकर 5,394 वाहन रह गई। एमजी मोटर इंडिया की मात्रात्मक बिक्री मार्च की तेजी के बाद 4,978 वाहनों के साथ फरवरी के मुकाबले ऊपर रही। मारुति सुजूकी और विनफास्ट जैसी नई ईवी विनिर्माताओं ने भी वृद्धि दर्ज की जो बाजार में अतिरिक्त मांग का संकेत देता है।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा से जुड़े एक डीलर ने कहा, ‘एक्सयूवी400 की बिक्री को स्पष्ट तौर पर छूट से रफ्तार मिल रही है। मगर 4 लाख रुपये के लाभ के बिना इसे नए ईवी के मुकाबले बेचना काफी कठिन है।’
इस बीच, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने ईवी और पेट्रोल/डीजल दोनों मॉडलों में अपने अप्रैल की योजनाओं का विस्तार किया है। कंपनी एमजी ग्लोस्टर पर 4 लाख रुपये तक, एमजी जेडएस ईवी पर 1.9 लाख रुपये तक, एमजी एस्टर पर 1.4 लाख रुपये तक, और एमजी कॉमेट ईवी पर 60,000 रुपये तक का लाभ दे रही है।