Advertisement
होर्मुज स्ट्रेट के पास टैंकर पर हमला: 3 भारतीय लापता, भारत ने जताई कड़ी आपत्तितृणमूल और कांग्रेस के विलय की संभावना का खंडन, ममता बनर्जी की TMC में उथल-पुथलस्वप्न दासगुप्ता बने पश्चिम बंगाल के नए वित्त मंत्री, तापस रॉय को मिला उद्योग एवं वाणिज्य विभागEditorial: प्राथमिकता ऋण ढांचे की हो समीक्षानए किस्म के पर्यावरणवाद की आवश्यकता, क्यों टिकाऊ विकास की शुरुआत समावेशिता से होनी चाहिए?मितव्ययिता सही पर उससे ज्यादा असरदार होंगे सुधार, 10 गुना से ज्यादा बचत संभवफंडों के आला कर्मियों के वेतन खुलासे पर नरमी; अब नाम नहीं, कुल सैलरी बताएंगी AMCनिचले स्तर के बाद भी RIL से उम्मीद, मेटा डील व एजीएम से जुड़ी उम्मीदों के चलते विश्लेषक पॉजिटिवमई में इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश 40% घटा, SIP बना मजबूत सहाराडाकघर बनेगा आपका दफ्तर, ई-कॉमर्स डिलीवरी से लेकर रियल एस्टेट तक फोकस
अन्य समाचार उदार भारत के बेचैन युवा की तस्वीर हैं शाहरुख़ ख़ान
'

उदार भारत के बेचैन युवा की तस्वीर हैं शाहरुख़ ख़ान

PTI

- November,01 2012 12:03 PM IST

: दो नवंबर को शाहरुख़ के जन्म दिन पर विशेष :

नयी दिल्ली, 01 नवंबर :भाषा: उनके पास न तो ही मैन जैसी कद काठी है और न ही उन्होंने अपनी फिल्मों में जोरदार मारधाड़ की है, वह फिल्मी दुनिया के सबसे खूबसूरत सितारे भी नहीं हैं, फिर भी ऐसा क्या है शाहरुख़ ख़्ाान में कि वह पिछले दो दशक से भी अधिक समय से बदलते भारत के युवा की तस्वीर हंै। फिल्म समीक्षकों और फिल्मी दुनिया के आलिमों का मानना है कि शाहरुख खान उदारीकरण के बाद के भारत का चेहरा हैं।

मशहूर फिल्म समीक्षक तरण आदर्श के अनुसार शाहरुख़ ख़ान की शख्सियत भारत के बेचैन युवा समाज के साथ जुड़ गयी है जो असीम संभावनाओं को अपने दामन में समेट लेने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि शाहरुख़ खा़न के किरदारों को देखकर पता लगता है कि भारतीय फिल्मों का नायक अब सिर्फ मार पिटाई करने वाला नहीं रह गया। उनके किरदारों मैं ऐसा युवा दिखता है जो बड़े शहरों में रहकर अंग्रेेजी बोलने की ख्वाहिश रखता है।

दिल्ली की गलियों में अमिताभ बच्चन जैसे बाल, दिलीप कुमार जैसे अंदाज और मर्लिन ब्रंैडो की आवाज की नकल करने वाला एक लड़का अभिनेता बनने की हसरत लेकर मुंबई पहुंचता है और फिर दुनिया का सबसे बड़ा बॉलीवुड सितारा बन जाता है। बादशाह जैसा चेहरा यानी शाहरुख सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं बल्कि करोड़ों युवा भारतीयों के सपनों की गाथा हंै।

फिल्म समीक्षक गौरव सोलंकी ने बताया कि शाहरुख़ ऐसे युवा की तस्वीर हैं जिसे दुनियावी बातों की फि़क्र नहीं है फिर भी वह अपने प्रेम को एक जज़्बे के साथ जीता है। उनके किरदारों की प्रेम कहानियों में एक ईमानदारी दिखती है इसलिये युवा अपनी प्रेम कहानियों में खुद को शाहरुख़ से जोड़ पाते हैं।

जारी भाषा

हिमांशु एकता मीना दि15

11011131 दि

नननन

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement