गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के दौरान उम्मीदवारों द्वारा पैसे देकर खबरें प्रकाशित प्रसारित करानेे की शिकायतों से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने जहां सख्त दिशानिर्देश जारी किये हैंं, वहीं इस मामले में राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
सू़त्रों का कहना है कि राज्य में चुनाव अधिकारियों और मीडिया प्रमाणन तथा निगरानी समितियों :एमसीएमसी: को आयोग पहले ही निर्देश दे चुका है कि राजनीतिक दलों की पेड न्यूज की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए।
विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों के चुनाव खर्च पर जहां कोई सीमा नहीं है वहीं उम्मीदवारों के लिहाज से गुजरात में 16 लाख रुपये और हिमाचल प्रदेश में 11 लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय की गयी है।
चुनाव आयोग के महानिदेशक अक्षय राउत ने पीटीआई से कहा, उम्मीदवारों की पैसे देकर खबरें छपवाने से जुड़ी गतिविधियों को देखने के लिए अनेक स्तर पर मीडिया प्रमाणन और निगरानी समितियां बनाई गयी हैं और राजनीतिक दलों की पेड न्यूज पर भी नजर रखी जा रही है।