, 21 अक्टूबर
गल्ला व्यापारियों की मानें तो मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 1385 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर की गई गेंहूं की बंपर खरीद के चलते खुले बाजार में बिकने के लिए गेंहूं बचा ही नहीं है। गेंहूं का जितना भी भंडार व्यापारियों के पास शेष है वह उंचें दामों पर बिकने की वजह से आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
गल्ला व्यापारी हरिशंकर साहू के मुताबिक एक माह पहले तक बारह सौ रुपए प्रति क्विंटल की दर से बिक रही सस्ती किस्म की गेहूं लोकमन वर्तमान में 1600 सौ रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बिक रही है। गेंहूं की अच्छी किस्म शरबती गेंहूं के दाम इसी अवधि में 1600 सौ से उछल कर 2500 सौ रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। महज एक ही महीने में गेंहूं के दामों में 400 से 800 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल आने से आम जनता का हाल बेहाल है ।
प्रदेश में गेहूं खरीद में शामिल सरकारी संस्थाएं भी यह मान रहीं है कि खुले बाजार में गेंहूं के दामों में अचानक तेजी आने की वजह बाजार में थोक व खुदरा व्यापारियों के पास गेंहूं का भंडार खत्म हो जाना है।
जारी भाषा सं सिन्हा