इस वर्ष दुर्गा पूजा समितियों ने पंडालों की सजावट का मूल विषय में पिछले सालों के मुकाबले कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पिछले साल मंडपों में जहां सौंदर्यप्रधान प्रारूपों की सजावट ही प्रमुख थी, वहीं इस बार देश भर की महत्वपूर्ण इमारतों के रूप पर आधारित सजावट की गई है।
सिंघी पार्क सर्बजनिन दुर्गा पूजा में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। इस बार इस पंडाल को मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी अम्मा मंदिर की तरह सजाया गया है।
सिंघी पार्क के भास्कर नंदी ने कहा, पूजाआंे की शैली तय करने की दौड़ में हमने देश की सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करके कुछ अलग किया है। हम देवी की आराधना के लिए अपने पारंपरिक तरीके पर ही कायम हैं।
मीनाक्षी मंदिर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां ग्रेनाइट की बनी हैं जबकि इस पंडाल में ये मूर्तियां थर्मोकोल की बनी होंगी।
नंदी इस बात पर जोर देते हैं कि उनका पंडाल लगभग असली मंदिर के जैसा ही दिखता है। पूजा समिति दुर्गा की 23 फुट उंची प्रतिमा बनाने की पारंपरा पर भी कायम है। इस प्रतिमा को प्रसिद्ध कलाकार मोहन बंसी रूद्रपाल ने बनाया है।
जारी भाषा