हिमाचल प्रदेश में चार नवंबर को विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और राज्य के विभिन्न भागों से 40 लाख रूपये से अधिक रकम जब्त किए जाने के मद्देनजर निर्वाचन आयोग अंतरराज्यीय सीमाओं खास कर पंजाब से लगने वाली सीमा पर कड़ी नजर रख रहा है।
निर्वाचन आयोग ने उना, हरोली, सोलन सहित कम से कम पांच विधानसभा सीटों की पहचान की है जहां पर्यवेक्षक इस बात की निगरानी करेंगे कि क्या धन बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। राज्य में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं।
आयोग ने राज्य में कम से कम 28 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं जहां 20 अक्तूबर को नामांकन वापसी की अंतिम तारीख गुजरने के बाद चुनाव प्रक्रिया चरम पर होगी।
संयोगवश, व्यय पर्यवेक्षकों की संख्या 28 है जबकि सामान्य पर्यवेक्षक 26 हैं। निर्वाचन आयोग ने एक राजनीतिक पर्यवेक्षक की नियुक्ति भी की है ताकि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हो सके। साथ ही राजनीतिक पर्यवेक्षक मतदान के दौरान कानून और व्यवस्था की निगरानी भी करेगा।
आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट को बताया हिमाचल प्रदेश में पंजाब से धन की आवाजाही की आशंका के चलते हम पंजाब से लगने वाली सीमा पर कड़ी नजर रखेंगे।