रंगमंच के जाने माने कलाकार और निर्देशक दिनेश ठाकुर का लंबी बीमारी के बाद आज यहां निधन हो गया।
70 के दशक में हिन्दी फिल्मों में कई चरित्र भूमिकाएं अदा कर चुके ठाकुर को गुर्दे की बीमारी थी। उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनका निधन अंधेरी उपनगर के एक अस्पताल में हुआ।
ठाकुर 65 साल के थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी प्रीता माथुर हैं। प्रीता भी अभिनय के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं।
मेरे अपने, रजनीगंधा, घर जैसी फिल्मों में चरित्र भूमिकाएं निभा चुके ठाकुर पिछले तीन दशक से एक थिएटर ग्रुप एएनके प्रोडक्शन्स के प्रमुख थे।
उनका सबसे पुराना नाटक जिन लाहौर नही वेख्या आज भी लोकप्रिय है।
पिछले साल अप्रैल में उन्होंने अपना नाटक रंग बजरंग पृथ्वी और टाटा थिएटरों में पेश किया था।
भारतीय रंगमंच के प्रख्यात निर्देशक, अभिनेता दिनेश ठाकुर ने टेलीविजन और फिल्मों में भी अपनी कला की छाप छोड़ी। वर्ष 1974 में बासु चटर्जी की रजनीगंधा में एक प्रमुख भूमिका के लिए उन्हें खूब सराहा गया। इस फिल्म को फिल्मफेयर बेस्ट मूवी अवार्ड और फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड फॉर बेस्ट मूवी दोनों मिले थे।
पटकथा लेखन में महारत रखने वाले ठकुर ने 1978 में घर फिल्म की पटकथा लिखी और इस फिल्म को 1979 में फिल्मफेयर बेस्ट स्टोरी अवार्ड मिला थ।
ठाकुर का अंतिम संस्कार आज ओशिवारा शवदाह गृह में शाम करीब चार बज कर तीस मिनट पर किया जाएगा।