महंगाई और एफडीआई के विरोध में राजग द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी बंद का बिहार में आज मिला जुला असर देखा जा रहा है। बंद के कारण सबसे अधिक असर रेल और सड़क यातायात सेवाओं पर पड़ा है।
डीजल के मूल्य में बढोतरी, सब्सिडी युक्त रसोई गैस सिलेंडर की संख्या कम करने और खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश के विरोध में सत्तारुढ जदयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में मालगाडि़यों और रेलगाडि़यों का परिचालन बाधित किया और राष्ट्रीय राजमार्गों और सड़कों पर टायर जलाकर तथा अवरोधक लगाकर बसों, टेंपो और अन्य वाहनों के परिचालन को रोका।
राज्य में बंद समर्थकों ने जत्थे में निकल कर पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और गया सहित प्रमुख शहरों में मुख्य बाजारों को बंद कराया। सरकारी प्रतिष्ठान जैसे बैंक, अन्य कार्यालयों में भी बंद का असर देखा गया है। कार्यालयों के खुले रहने के बावजूद उपस्थिति कम देखी जा रही है।
वामदलों के कार्यकर्ताओं ने भी हाथों में झंडे और संप्रग सरकार विरोधी पोस्टर लेकर घूम घूमकर बंद कराया।
बंद की पूर्व सूचना के कारण स्कूल और अन्य शैक्षिक संस्थान बंद हैं। यातायात के साधनों के नही मिलने से लोगों को अपने गंतव्य तक जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पटना में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने बंद समर्थकों का नेतृत्व किया।