गिरे हुए स्मॉल-मिडकैप शेयर अब देंगे कमाल का रिटर्न? एक्सपर्ट्स ने बताया सही समयAnthropic के नए टूल से टेक कंपनियों में मची खलबली, औंधे मुंह गिरे आईटी शेयरअगले 20-25 वर्षों में भारत बनेगा दुनिया की सबसे प्रभावशाली आर्थिक ताकत: ब्लैकरॉक प्रमुख लैरी फिंकCCI ने दिए इंडिगो के ​खिलाफ जांच के आदेश, उड़ानें रद्द कर बाजार में प्रभुत्व का संभावित दुरुपयोगचुनौतियां अब बन रहीं अवसर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीदEditorial: ऑपरेशन सिंदूर का असर, रक्षा बजट में बढ़ोतरीजब व्यावसायिक हितों से टकराती है प्रवर्तन शक्ति, बाजार का भरोसा कमजोर होता हैसहनशीलता ने दिया फल: ट्रंप के साथ भारत की लंबी रणनीति रंग लाईBajaj Finance Q3FY26 Results: मुनाफा घटा, ब्रोकरेज की राय बंटी, शेयर के लिए टारगेट प्राइस में बदलावNMDC Q3FY26 Results: रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹7,610 करोड़; उत्पादन और बिक्री में बढ़ोतरी जारी
अन्य समाचार कपास की उपज दो प्रतिशत घटी, कुल उत्पादन बढा
'

कपास की उपज दो प्रतिशत घटी, कुल उत्पादन बढा

PTI

- August,22 2012 4:53 PM IST

भारत में पिछले वर्ष कपास की प्रति हेक्टेयर उपज उससे पिछले साल की तुलना में दो प्रतिशत घट कर 491 किलो प्रति हेक्टेयर रही। पर इस दौरान कुल उत्पादन बढ कर 3.52 करोड़ गांठ रहा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार तीन साल में कपास की लागत 31 प्रतिशत बढने का अनुमान है।

कृषि मंत्री शरद पवार द्वारा कल संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जुलाई-जून, 2010-11 में कपास की उपज 499 किलो प्रति हेक्टेयर और कुल कपास उत्पादन 3.3 करोड़ गांठ :एक गांठ बराबर 170 किलो: रहा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2012-13 में कपास उत्पादन की लागत 2,772 रुपए प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है जबकि 2009-10 में यह 2,111 रुपए प्रति क्विंटल थी। यह 31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।

संबंधित पोस्ट