तेल एवं गैस उत्पादन क्षेत्र के नियामक हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय
डीजीएच का कहना है कि दाम तय करने में जो प्रक्रिया अपनाई गई है वह तेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरुप नहीं है। डीजीएच ने इससे पहले 12 अप्रैल को तेल मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा था कि सीबीएम गैस मूल्य के लिये रिलायंस ने जो प्रक्रिया अपनाई है वह उत्पादन भागीदारी अनुबंध की धारा 18.6 और 15 जून 2011 को मंत्रालय के कोल बैड मीथेन के मूल्य और वाणिज्यिक इस्तेमाल के बारे में जारी दिशानिर्देश के अनुरुप है।
डीजीएच ने इसके बाद 22 जून को फिर से मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा कि रिलायंस के मध्यप्रदेश स्थित सोहागपुर ब्लॉक से गैस उत्पादन के लिये प्रस्तावित मूल्य पिछले साल जारी सीबीएम मूल्य और उपयोग नीति के अनुरुप नहीं है, क्योंकि इसका निर्धारण करने में केवल चुनींदा उद्योगों से ही बोलियां आमंत्रित की गई। घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
डीजीएच महानिदेशक राजीव नयन चौबे से इस बारे में फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन वह असफल रहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने फरवरी में सीबीएम का दाम आयातित मूल्य के अनुसार किया, जैसा कि कच्चे तेल के मामले में किया जाता है। देश में जिस दाम पर तरलीकृत प्राकृतिक गैस का आयात किया जाता है उसी के बराबर दाम का प्रस्ताव कंपनी ने मंत्रालय को सौंपा।
जारी भाषा