facebookmetapixel
Advertisement
देश के औद्योगिक उत्पादन में जोरदार उछाल, जून में IIP ग्रोथ रेट बढ़कर 7.3 प्रतिशत पर पहुंचीIndo-MIM IPO में लगाया है पैसा? आज आएगा अलॉटमेंट, BSE-NSE पर ऐसे करें स्टेटस चेकबार-बार ट्रेन से करते हैं सफर? इन 5 IRCTC  Credit Cards से टिकट बुकिंग पर मिलेंगे शानदार रिवॉर्ड्सदेश से बाहर अगर हुआ हादसा तो क्या मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? सुप्रीम कोर्ट ने कर दिया साफInvesco के दो नए ETF लॉन्च, Sensex और Nifty Bank में निवेश का मौका; जानें किसके लिए हैं बेहतरDMart Share Price: स्टोर खोलने की रफ्तार ने बढ़ाई चिंता, शेयर में बड़ी गिरावट; अब क्या करें निवेशक?TVS Motor का शेयर ऑल टाइम हाई पर, ₹2 लाख करोड़ मार्केट कैप से बस चंद कदम दूरमिडकैप-स्मॉलकैप में पैसा लगाने का सही समय? मोतीलाल ओसवाल ने बताई निवेश की नई रणनीतिAir India को पटरी पर आने में लगेंगे 10 साल! टाटा चेयरमैन ने बताई बड़ी वजहप्रधानमंत्री मोदी का फेसबुक वीडियो हटाने पर IT मंत्रालय ने मेटा से मांगा जवाब

पिछले वर्ष से सबक, अस्पताल तैयार

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 6:26 AM IST

अस्पताल के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द हो रही हैं, जिलों में कॉल सेंटरों को चालू किया जा रहा है और पीपीई सूट तथा ऑक्सीजन की आपूर्ति का जायजा लिया जा रहा है। देश में कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए राज्य इस चुनौती से निपटने के लिए कमर कस रहे हैं।
महाराष्ट्र में नगर निकाय अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ा रहे हैं। यहां तक कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि बेड की कोई कमी नहीं है। आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता बड़ी चुनौती साबित हो रही है। औरंगाबाद और नागपुर जैसे शहरों में आईसीयू बेड भरने का स्तर और वेंटिलेटर का इस्तेमाल अपने सबसे ऊंचे स्तर पर है। सभी श्रेणियों के बेड की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 69 निजी अस्पतालों से 2,200 से अधिक बेड की मांग की है और कोविड मरीजों के बेड प्रबंधन का काम संभाला है। यह मामूली लक्षण वाले मरीजों के पृथकवास और इलाज के लिए विशाल कोविड केंद्रों को भी चालू कर रहा है। महाराष्ट्र सरकार ने आरटी-पीसीआर की न्यूनतम दर 500 रुपये और रैपिड ऐंटीजन टेस्ट की 150 रुपये तय की है।  
दिल्ली में बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देशों पर 33 निजी अस्पतालों में 230 आईसीयूड बेड (करीब 25 फीसदी) और 842 सामान्य बेड बढ़ाए गए हैं। दिल्ली में लोक नायक हॉस्पिटल (एलएनजेपी) में कोविड के सबसे अधिक 300 बेड हैं, जिनमें से करीब 20 फीसदी भरे हुए हैं। इस अस्पताल में 150 आईसीयू बेड हैं, जिनकी संख्या बढ़ाने की योजना है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री दिल्ली में बढ़ते कोरोना मामलों की रोकथाम के लिए कार्ययोजना, टीकाकरण की मौजूदा स्थिति, कंटेनमेंट जोन, अस्पतालों के बेड प्रबंधन और सीरो सर्वे के साथ वर्तमान में कोरोना मामलों की मैपिंग आदि की समीक्षा करेंगे। संबंधित विभागीय अधिकारियों को कोरोना से निपटने के लिए विस्तृत प्लान के साथ बैठक में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
 तमिलनाडु के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि पहले कोविड के इलाज के लिए जिन केंद्रों का इस्तेमाल किया जा रहा था, उन्हें फिर से चालू किया जाएगा और मृत्यु दर में कमी लाने के उपाय किए जाएंगे। पिछले सात दिन के दौरान कोविड-19 से मृत्यु की दर चेन्नई में 0.6 फीसदी, चेंगलपट्टु जिले में 0.8 फीसदी और तंजावुर जिले में 0.5 फीसदी रही है।
पश्चिम बंगाल ने सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा अपने सभी मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड कोविड के लिए इस्तेमाल करने का फैसला किया है। पिछली दफा सभी मेडिकल कॉलेजों का कोविड के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया था। एएमआरआई के निदेशक और समूह सीईओ रुपक बरुआ ने कहा, ‘राज्य सरकार (पश्चिम बंगाल) ने सभी निजी अस्पतालों से जरूरत के मुताबिक धीरे-धीरे बेडों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया है।’
नाथहेल्थ के अध्यक्ष और महाजन इमेजिंग के संस्थापक एवं रेडियोलॉजिस्ट हर्ष महाजन ने कहा, ‘कोविड केंद्रों को पिछले साल जितनी तेजी से बढ़ाना संभव नहीं है। अस्पतालों को उन लोगों को डिस्चार्ज करने का इंतजार करना होगा, जो अभी भर्ती हैं।’
हालांकि सकारात्मक पहलू यह है कि देश में आईसीयू और वेंटिलेटर की बेहतर क्षमताएं हैं और चिकित्सा कर्मियों को कोविड मरीजों के इलाज के लिए सीखने के दौर से नहीं गुजरना पड़ेगा।
मैक्स वेंटिलेटर जैसी वेंटिलेटर विनिर्माता कंपनियों के पास इन जीवन रक्षक श्वास उपकरणों का भंडार तेजी से खाली होने लगा है। मैक्स वेंटिलेटर के संस्थापक और सीईओ अशोक पटेल ने कहा कि पिछले पूरे महीने के मुकाबले पिछले एक सप्ताह के दौरान मामले तेजी से बढ़े हैं। मामले बढऩे से मैक्स वेंटिलेटर के पास क्रिटिकल केयर आईसीयू वेंटिलेटर की मांग करीब 40 फीसदी बढ़ गई है। अब तक सबसे ज्यादा मांग महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों से आई है।
पीपीई किट, ऑक्सीजन और दवाओं का भी स्टॉक किया जा रहा है। दिल्ली के उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के संस्थापक एवं निदेशक शुचिन बजाज ने कहा, ‘हमने पीपीई किट, हाई फ्लो ऑक्सीजन कैन्यूला का स्टॉक किया है। हम वास्तव में कभी बड़ी तादाद में मरीजों के आने के लिए तैयार नहीं हो सकते, लेकिन हम अपनी तरफ से बेहतर से बेहतर कोशिश करेंगे।’
महाराष्ट्र रेमडेसिविर की अतिरिक्त खुराकों का ऑर्डर दे रहा है और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ा रहा है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दवा, पीपीई किट, मास्क, ऑक्सिजन सिलिंडर खरीदे जा रहे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों ने भी कहा कि बुनियादी ढांचे, पाइप ऑक्सिजन, दवा और मानव संसाधन का जायजा लिया जा रहा है।
यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि पर्याप्त तादाद में प्रशिक्षित कर्मचारी हों। दिल्ली के निजी अस्पताल ने हाल में मामले बढऩे का अनुमान लगाते हुए अपने कर्मचारियों को अप्रैल के अंत से छुट्टियां रद्द करने को कहा था।

Advertisement
First Published - April 1, 2021 | 11:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement