India Post Rules: डाक सेवाओं का इस्तेमाल आज भी देशभर में बड़ी संख्या में लोग जरूरी डॉक्यूमेंट, पहचान पत्र और अन्य सामान भेजने के लिए करते हैं। ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। पहली बार यह स्पष्ट किया गया है कि किन वस्तुओं को ‘दस्तावेज’ (Document) माना जाएगा और किन्हें ‘पार्सल’ (Parcel) की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके साथ ही स्पीड पोस्ट की नई शुल्क दरें भी जारी की गई हैं, जो 1 अगस्त से लागू होंगी।
नई अधिसूचना के अनुसार, जिन वस्तुओं का कोई व्यावसायिक मूल्य नहीं होता, उन्हें दस्तावेज की श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें सामान्य पत्र, प्रिंटेड सामग्री और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं तथा बीमा (BFSI) से जुड़े कई दस्तावेज शामिल हैं।
इसके अलावा वेलकम किट, पासबुक, चेक बुक, बैंक स्टेटमेंट, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड भी अब दस्तावेज की श्रेणी में आएंगे।
डाक विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस भी दस्तावेज माने जाएंगे।
इसके अलावा 500 ग्राम तक के गैर-व्यावसायिक राखी वाले लिफाफे, छोटे पैकेट और ग्रीटिंग कार्ड भी इसी श्रेणी में शामिल किए गए हैं। इन वस्तुओं के अलावा भेजे जाने वाले अन्य सभी सामान को पार्सल माना जाएगा।
डाक विभाग ने खुदरा ग्राहकों के मौजूदा शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, दस्तावेज भेजने वाले थोक ग्राहकों के लिए नई दरें लागू की गई हैं।
24 स्पीड पोस्ट सेवा के तहत खुदरा ग्राहकों को वजन और दूरी के आधार पर ₹38 से ₹186 तक शुल्क देना होगा।
दस्तावेज भेजने वाले थोक ग्राहकों के लिए भी नई शुल्क व्यवस्था तय की गई है।
डाक विभाग के अनुसार, 48 स्पीड पोस्ट सेवा के तहत खुदरा ग्राहकों को वजन और गंतव्य के आधार पर ₹61 से ₹121 तक शुल्क देना होगा।
फिलहाल 24 स्पीड पोस्ट और 48 स्पीड पोस्ट सेवाएं केवल दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में उपलब्ध हैं। आने वाले समय में इन सेवाओं का विस्तार अन्य शहरों तक भी किया जा सकता है।