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BS Manthan में एथर एनर्जी के CEO का दावा: PLI स्कीम में सुधार की जरूरत, इससे खुलेगा $100 अरब का बाजार

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एथर एनर्जी के CEO तरुण मेहता ने कहा कि सही तरीके से लागू हुई PLI स्कीम भारत को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर एक्सपोर्ट का बड़ा हब बना सकती है, बशर्ते स्टार्टअप्स को बराबरी का मौका मिले

Last Updated- February 24, 2026 | 7:23 PM IST
Tarun Mehta
एथर एनर्जी के को-फाउंडर और CEO तरुण मेहता बिज़नेस स्टैंडर्ड 'मंथन' 2026 में अपनी बात रखते हुए

एथर एनर्जी के को-फाउंडर और CEO तरुण मेहता ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इंडस्ट्री को लेकर बड़ी बात कही है। बिजनेस स्टैंडर्ड के फ्लैगशिप इवेंट ‘BS मंथन’ के पहले दिन बोलते हुए मेहता ने कहा कि भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम देश के लिए एक्सपोर्ट के बड़े दरवाजे खोल सकती है।

उनका मानना है कि अगर इस नीति को सही ढंग से लागू किया जाए, तो भारत दुनिया भर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का एक प्रमुख निर्यातक बन सकता है। मेहता के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर यह बाजार करीब 100 अरब डॉलर का है और भारत इसमें बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की क्षमता रखता है।

तरुण मेहता ने इस बात पर जोर दिया कि भारत पहले से ही पारंपरिक दोपहिया वाहनों के जरिए वैश्विक राजस्व में 7 से 8 प्रतिशत का योगदान देता है। इसी अनुभव का फायदा उठाकर भारत EV एक्सपोर्ट में भी अपनी धाक जमा सकता है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि मिड-टियर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट में भारत का कोई मुकाबला नहीं है, यहां तक कि चीन भी भारत की बराबरी नहीं कर पा रहा है। उनके अनुसार, सॉफ्टवेयर, बैटरी, चार्जिंग तकनीक और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है।

Also Read: BS Manthan में बोले नितिन गडकरी: AI, EVs और हाइड्रोजन से सशक्त होगा ‘विजन 2047’

स्टार्टअप्स के लिए समान अवसर की जरूरत

हालांकि, एक्सपोर्ट के इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए मेहता ने PLI ढांचे में सुधार की जरूरत बताई। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान नियमों के कारण शुद्ध रूप से इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाले स्टार्टअप्स को नुकसान हो रहा है। मेहता ने खुलासा किया कि मौजूदा व्यवस्था के तहत कोई कंपनी PLI के लिए तभी पात्र होती थी जब उसका रेवेन्यू शून्य हो। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी स्टार्टअप ने 100 रुपये भी कमा लिए, तो वह इस स्कीम से बाहर हो गया।

मेहता का तर्क है कि PLI स्कीम का मकसद इलेक्ट्रिफिकेशन को बढ़ावा देना है, लेकिन यह उन कंपनियों को दंडित कर रही है जो केवल EV बना रही हैं। जबकि पेट्रोल गाड़ियां बनाने वाली कंपनियां, जो राजस्व कमा रही हैं, उन्हें इसके फायदे मिल रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टार्टअप्स ही नवाचार (Innovation) का असली इंजन हैं और उनके बिना यह इंडस्ट्री आगे नहीं बढ़ सकती। अपनी कंपनी के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि एथर ने क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए 2018 में पहला प्रोडक्ट लॉन्च करने से पहले सालों तक 2,500 से ज्यादा टेस्ट किए थे।

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First Published - February 24, 2026 | 6:21 PM IST

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