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मंदी से ज्यादा पानी ने रुलाया

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Last Updated- December 11, 2022 | 12:57 AM IST

भोपाल औद्योगिक क्षेत्र अब तक के सबसे बडे ज़ल संकट से जूझ रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में मंडीदीप, पीलूखेड़ी और गोविंदपुरा प्रमुख हैं।
कई इकाइयों के प्रमुख, औद्योगिक इकाइयों के सूत्रों और औद्योगिक संगठनों के अधिकारियों ने बिानेस स्टैंडर्ड को  बताया कि पानी की कमी की वजह से औद्योगिक इकाइयों ने उत्पादन घटा दिया है।
यहां के उद्यमों को यह डर सता रहा है कि आने वाले सालों में अगर पानी की व्यवस्था नहीं की गई और बेहतर जल नीति नहीं बनाई गई तो उन्हें अपना कारोबार बंद भी करना पड़ सकता है।
पानी की पर्याप्त उपलब्धता के शीर्ष अधिकारियों के दावे को खारिज करते हुए मंडीदीप इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के एक पूर्व अधिकारी ने नाम नहीं छापने  की शर्त पर बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘सबसे बड़ा निर्यातक एचईजी लिमिटेड भी मंडीदीप में पानी की कमी का सामना कर रहा है’। एचईची एशिया का एकमात्र इलेक्ट्रो ग्रेफाइट उत्पादक और निर्यातक है।
भोपाल के औद्योगिक केंद्र विकास निगम के प्रबंध निदेशक अजय चौबे ने बताया, ”एचईजी ने बेतवा नदी पर जलाशय बनवाया था, जो सूख गया है। उन्होंने हमसे पानी की मांग की है। हम उन्हें पर्याप्त पानी की आपूर्ति करेंगे।”
हाल ही में जल आधारित उद्योग से बाहर निकले उद्योगपति ने कहा, ”हम हाई अलर्ट पर हैं और जल संकट से वाकिफ हैं। पीलूखेड़ी और मंडीदीप में भरोसेमंद जल स्रोत नहीं बचे हैं।”  जल संकट गहराने के लिए कम और अनियमित बारिश भी जिम्मेवार है। पानी की कमी की वजह से बिजली आधारित इकाइयों, ब्रेवरीज, सूत और शीतल पेय बनाने वाली इकाइयों की समस्या बढ़ गई है।
मंडीदीप और पीलूखेड़ी में पेप्सी, कोका कोला, नाहर ऐंड अनंत स्पिनिंग मिल, ट्राइडेंट, लूपिन लैब्स, गोदरेज और एचईजी लिमिटेड की इकाइयां हैं। पेप्सी के एक सूत्र ने बताया, ”हम अपनी क्षमता का 15 फीसदी ही उत्पादन कर रहे हैं। क्षमता के मुताबिक उत्पादन हम नहीं कर सकते क्योंकि पानी की कमी है।”
वैसे चौबे यह दावा करते हैं कि उनकी टीम जल प्रबंधन को बेहतर करने की कोशिश कर रही है और हर रोज 2 एमजीडीएस जल आपूर्ति 12 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से कर रही है। हालांकि, उद्योग को इस निर्यात गांव यानी मंडीदीप में निवेश को बनाए रखने के लिए इससे ज्यादा पानी की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि मंडीदीप देश के निर्यात में सालाना 2,000 करोड़ रुपये का योगदान देता है। जल संकट गहराने के लिए उच्च जीवन स्तर, जल दोहन करने वाली औद्योगिक इकाइयां और तेजी से बढ़ती आबादी काफी हद तक जिम्मेवार है।
इन्हीं वजहों से मंडीदीप का मुख्य जल स्रोत दाहोद बांध और पीलूखेड़ी का मुख्य जल स्रोत पार्वती नदी सूखने के कगार पर है। राजगढ़ जिले में पड़ने वाला पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र और गांव हर साल जल संकट से दो-चार होता है।
जल संकट से भोपाल उद्योग क्षेत्र परेशान
औद्योगिक क्षेत्र के सामने अब तक का सबसे बड़ा जलसंकट
पानी की किल्लत के कारण इकाइयों ने उत्पादन घटाया
समस्या का हल नहीं, तो इकाइयों पर जड़ सकता है ताला
इलाके में पड़ने वाले जलस्त्रोत हैं सूखने के कगार पर

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First Published - April 16, 2009 | 11:06 PM IST

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