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लखनऊ में थमने लगी है आटो उद्योग की रफ्तार

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Last Updated- December 07, 2022 | 12:04 PM IST

मंहगाई दर के बढ़ने और पेट्रोलियम पदार्थो की कीमत के आसमान को छूने के बाद लखनऊ में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के खरीददारों में अप्रत्याशिम रुप से कमी आई है।


शहर में मारुति की बिक्री करने वाले डीलर शिवम गुप्ता का कहना है कि आज उपभोक्ता ऐसी गाड़ियों को वरीयता दे रहें है, जिनसे एक लीटर में ज्यादा से ज्यादा से माइलेज प्राप्त किया जा सकें। शिवम का यह भी कहना है कि इस समय उपभोक्ता कीमतों में गिरावट आने तक कार को नहीं खरीदना चाहता है। इस समय पेट्रोल की कीमत 52.72 रुपये और डीजल की कीमत 35 रूपये है।

इसके अलावा कुछ उपभोक्ता त्यौहारों का इंतजार कर रहें है। गुप्ता का आगे कहना है कि त्यौहारों के मौसम में ऑटो कंपनियां की बिक्री में उछाल आने की उम्मीद है। क्योकि ऐसे समय में उपभोक्ताओं को रिझाने के लिए कंपनियों द्वारा विशेष पैकेज दिये जाते है। विश्लेषकों का मानना है कि बैंक द्वारा लोन दरों को बढ़ाने का भी ऑटोमोबाइल कारोबार में विपरीत प्रभाव पड़ा है।

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First Published - July 20, 2008 | 10:38 PM IST

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